
ब्राज़ील: पुलिस ने तोते को किया गिरफ्तार, ड्रग तस्करों के लिए करता था काम
क्या है खबर?
कुछ पक्षी बहुत समझदार होते हैं, तोता भी इन्ही में से एक है। तोता एक ऐसा पक्षी है, जिसे सिखाया जाए तो कुछ शब्द बोल सकता है।
अपनी इसी ख़ूबी की वजह से यह लोगों की मदद भी करता है।
हाल ही में उत्तरी ब्राज़ील में ड्रग तस्करों के ख़िलाफ़ कार्यवाई के दौरान पुलिस ने एक तोते को हिरासत में लिया है। यह तोता ड्रग तस्करों को पुलिस से अलर्ट करने का काम करता था।
छापा
तस्करों के साथ तोता भी चढ़ गया पुलिस के हत्थे
जानकारी के अनुसार, ब्राज़ील में पुलिस की एक टीम ने सोमवार को पियाउ स्टेट में ड्रग तस्कर जोड़े के यहाँ छापा मारा।
उस दौरान तोते ने अपने मालिकों को 'पुलिस-पुलिस' कहकर अलर्ट करने की कोशिश की, लेकिन उसकी कोशिश नाकामयाब हुई और तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। साथ ही पुलिस ने तोते को भी क़ब्ज़े में ले लिया।
ऑपरेशन में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के नज़दीक पहुँचते ही तोते ने चिल्लाना शुरू कर दिया।
घटना
पुलिस की लाख कोशिशों के बाद तोते ने नहीं खोला अपना मुँह
'द गार्जियन' ने अपनी रिपोर्ट में ब्राज़ीलियन मीडिया के हवाले से बताया कि तस्करों ने तोते को इस तरह से ट्रेंड किया था कि जब भी पुलिस आती थी, तो वह 'पुलिस-पुलिस' बोलकर उन्हें अलर्ट कर देता था।
तोता मालिकों के प्रति इतना वफ़ादार और आज्ञाकारी है कि गिरफ़्तारी के बाद पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी उसने अपना मुँह नहीं खोला।
यह दर्शाता है कि तोता बहुत ज़्यादा समझदार है और उसे अच्छे से ट्रेंड किया गया है।
जानकारी
बहुत आज्ञाकारी है तोता
ब्राज़ील के एक पत्रकार ने तोते को बेहद आज्ञाकारी बताया है जो गिरफ़्तारी के बाद भी अपना मुँह नहीं खोल रहा है। रिपोर्टर ने बताया कि अभी तक तोते ने कोई आवाज़ नहीं की है, वह पूरी तरह चुप है।
चिड़ियाघर
तीन महीने के लिए चिड़ियाघर के हवाले किया गया तोता
पशु-पक्षियों के स्थानीय डॉक्टर एलेक्जेंडर क्लार्क ने भी इस बात की पुष्टि की कि तोता जाँच में सहयोग नहीं कर रहा है।
उन्होंने बताया, "पुलिस अधिकारियों की तमाम कोशिशों के बाद भी तोता कुछ नहीं बोला।"
ब्राज़ील के टीवी चैनल ग्लोब के अनुसार, ड्रग तस्कर तोते को एक स्थानीय चिड़ियाघर के हवाले किया गया है। तोता वहाँ तीन महीने तक रहेगा, जहाँ उसे उड़ना सिखाया जाएगा। उसके बाद उसे आज़ाद कर दिया जाएगा।
पुराना मामला
छापे के दौरान पुलिस ने ज़ब्त किया था घड़ियाल
यह पहली बार नहीं है जब ड्रग तस्करों द्वारा जीवों का इस्तेमाल किया गया हो।
2008 में पुलिस ने पश्चिमी रियो डी जेनरो में एक छापे के दौरान दो छोटे घड़ियालों को ज़ब्त किया था।
पुलिस ने दावा किया कि ड्रग तस्कर अपने दुश्मनों को इन घड़ियालों को खिला देते थे।
जबकि आरोपी गैंगस्टर के पिता ने कहा कि एक बार बेटे ने ऐस करने की कोशिश की थी, लेकिन घड़ियाल ने शव को खाने से इनकार कर दिया था।