बच्चों जैसा था व्यक्ति का चेहरा, 9 लाख से ज्यादा रुपये खर्च करके लगवाई दाढ़ी
क्या है खबर?
अब तक आपने पुरुषों को दाढ़ी हटाकर क्लीन शेव में देखा होगा, लेकिन क्या आपने किसी व्यक्ति को अपने मुंह पर दाढ़ी लगवाते देखा या ऐसा कोई मामला सुना है? अगर नहीं तो आपको बता दें कि एक व्यक्ति ने दाढ़ी ट्रांसप्लांट करवाई है और इसके लिए उसने 5-6 लाख रुपये नहीं, बल्कि 9 लाख से भी ज्यादा रुपये खर्च किए हैं। दरअसल, व्यक्ति का चेहरा बच्चों जैसा लगता है, जिस कारण उसने ऐसा 'गंभीर कदम' उठाया।
दाढ़ी ट्रांसप्लांट
गंभीरता से नहीं लेते थे लोग तो व्यक्ति ने करवाया दाढ़ी ट्रांसप्लांट
अधिकतर पुरुष अपने पेशे के आधार पर दाढ़ी रखने या क्लीन शेव करने का फैसला लेते हैं, लेकिन प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल सेक्टर में काम करने वाले ने एक व्यक्ति ने इसलिए दाढ़ी ट्रांसप्लांट करवाया है क्योंकि उसके चेहरे से उसकी उम्र कम लगती थी और इस कारण उसकी बात कोई गंभीरता से नहीं लेता था।
30-35 वर्षीय इस व्यक्ति का कहना है कि कई बार उसे ऐसे काम करने का मौका नहीं मिला, जिनके लिए वह सक्षम था।
नुकसान
दाढ़ी न होने के कारण व्यक्ति को हुआ भारी नुकसान
द कट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्यक्ति ने बताया कि बिना दाढ़ी-मूंछ वाले चेहरे के कारण उसे न सिर्फ कार्यस्थल पर बल्कि निजी जिंदगी में भी काफी नुकसान झेलना पड़ा था।
व्यक्ति ने आगे कहा कि कार्यस्थल पर उसकी राय और फैसलों को अनदेखा कर दिया जाता था और मैनेजमेंट उम्रदराज दिखने वाले कर्मचारियों की बातों पर ज्यादा ध्यान देते थे। इसी तरह उसके हाथ से एक अहम पद तक निकल गया था।
प्रक्रिया
कई चीजों के इस्तेमाल के बाद व्यक्ति ने करवाया दाढ़ी ट्रांसप्लांट
इतना कुछ होने के बाद व्यक्ति ने घनी दाढ़ी उगाने का फैसला किया और दाढ़ी बढ़ाने वाले तेल से लेकर कई तरह के सप्लीमेंट्स और दवाईयां तक इस्तेमाल की, लेकिन जब इन चीजों से कुछ फायदा नहीं हुआ तो व्यक्ति ने दाढ़ी ट्रांसप्लाट करवाने का फैसला किया।
दाढ़ी ट्रांसप्लांट करवाने की प्रक्रिया लगभग 5 घंटे तक चली, जिसमें डॉक्टर्स ने उनके सिर के पिछले हिस्से से बाल निकालकर दाढ़ी वाली जगह पर लगाएं।
बयान
दाढ़ी ट्रांसप्लांट करवाने के बाद व्यक्ति को हुआ फायदा
व्यक्ति का नाम तो सामने नहीं आया है, लेकिन जब उसने दाढ़ी ट्रांसप्लांट करवा लिया तो धीरे-धीरे उसे अहसास हुआ कि अब कोई उसका मजाक नहीं उड़ात।
यहीं नहीं, दाढ़ी ट्रांसप्लांट के बाद कार्यस्थल पर भी लोग उन्हें ज्यादा सम्मान देने लगे हैं और उनकी राय पर भी ध्यान देते हैं।
व्यक्ति का कहना है कि इस ट्रांसप्लांट से उनकी झिझक और असुरक्षा की भावना दूर हुई इसलिए यह उनके लिए फायदेमंद रहा।