
इस शख्स ने पूरी जिंदगी में जमा किए 21 करोड़ रुपये, बाद में कर दिए दान
क्या है खबर?
दुनिया में कई लोग हैं, जो समाज की उन्नति में अपना अहम योगदान देते हैं। इसके लिए वो अपने जीवनभर की कमाई को भी दाव पर लगाने से नहीं कतराते हैं।
ऐसे ही एक व्यक्ति हैं डेल श्रोएडर, जिन्होंने 67 साल तक कारपेंटर की नौकरी कर लगभग 21 करोड़ रुपये जुटाए और उन पैसों को 33 बच्चों की शिक्षा के लिए दान दे दिया।
आज उनके पैसों से शिक्षित गरीब बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बन गए हैं।
आइए जानें।
काम
अच्छे काम में लगना चाहते थे सारा पैसा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेल अमेरिका के मिसौरी-मिशीसिपी के लोवा क़स्बे में 67 साल तक कारपेंटर की नौकरी करते रहे।
डेल के दोस्त स्टीव नीलसन ने बताया कि डेल ने अपनी नौकरी के दौरान कभी फ़िज़ूलख़र्ची नहीं की और 30 लाख डॉलर (लगभग 21 करोड़ रुपये) जमा किए।
उन्होने आगे बताया कि एक दिन डेल ने उन्हें बुलाया और कहा कि वो अपना सारा पैसा किसी अच्छे काम में लगाना चाहते हैं, इसलिए किसी वकील को बुलाओ।
दान
बच्चों की शिक्षा के लिए दान कर दिए सारे पैसे
इसके बाद डेल ने अपने सारे 30 लाख डॉलर लगभग गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए दान कर दिए। आज उन बच्चों को डेल के बच्चों के नाम से जाना जाता है।
नीलसन आगे बताते हैं कि डेल की मृत्यु 2005 में ही हो गई थी, लेकिन उन्होंने जो किया, उसकी वजह से आज भी वो बच्चों के मन में ज़िंदा हैं।
डेल ने जो भी किया, वो करने की हिम्मत बहुत कम लोग जुटा पाते हैं।
बयान
डेल ने किए 33 बच्चों के सपने पूरे
नीलसन ने कहा, "हमारे कई सपने होते हैं, लेकिन उनमें से कई पूरे नहीं हो पाते हैं। कई बार हम अपने सपनों को इसलिए पूरा नहीं कर पाते हैं, क्योंकि हमारे पास संसाधन नहीं होते हैं, लेकिन डेल ने 33 बच्चों के सपने पूरे किए।"
जीवन
गरीब घर में पैदा हुए थे डेल
नीलसन के अनुसार, डेल बहुत ही साधारण ज़िंदगी जीते थे और बहुत ही मानवतावादी भी थे। वह एक गरीब घर में पैदा हुए थे और 67 साल तक एक ही कंपनी में कारपेंटर के तौर पर काम करते रहे।
उन्होंने आगे कहा, "डेल ने जीवन में कभी फ़ालतू ख़र्च नहीं किया। वो चर्च जानें के लिए और काम पर जाने के लिए अलग-अलग कपड़े इस्तेमाल करते थे, ताकि उनके अच्छे कपड़े काम करते समय ख़राब न हो जाएँ।"
संपत्ति
ख़ास निर्देशों के साथ छोड़ी थी संपत्ति
बता दें कि डेल पैसे बहुत सोच-समझकर और डर कर ख़र्च करते थे। उन्हें कभी नहीं लगा था कि उनके पास पैसे जमा हो पाएँगे।
डेल ने बिना शादी के ही अपना जीवन गुज़ार दिया और उनका कोई उत्तराधिकारी भी नहीं था।
डेल ने अपनी पूरी संपत्ति कुछ ख़ास निर्देशों के साथ छोड़ी थी। वासियत में उन्होंने केवल छोटे शहर के बच्चों को कॉलेज भेजने के लिए पैसों को ख़र्च करने के लिए कहा था।