
महाराष्ट्र: दफनाने के कुछ दिन बाद जिंदा हुआ 'मृत शख्स', दोस्त को किया वीडियो कॉल
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के पालघर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोमवार को पुलिस ने जानकारी दी कि यहां पर एक ऐसा 60 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक जिंदा पाया गया है, जिसे उसके परिवार ने मृत मानकर दफना दिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दफनाने के कुछ दिनों बाद वह अपने एक दोस्त से वीडियो कॉल पर बात करते हुए जिंदा पाया गया।
आइए इस अजीबोगरीब मामले के पीछे की पूरा कहानी जानते हैं।
मामला
क्या है पूरा मामला?
इस मामले की शुरुआत 29 जनवरी से हुई। इस दिन बोइसर रेलवे स्टेशन के बीच एक ट्रैक पार करते समय एक शख्स की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
इसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने शख्स की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की, जिससे उसकी शिनाख्त रफीक शेख के रूप में हुई।
रफीक के परिवार और उसकी पत्नी ने भी शव की पुष्टि की, जिसके बाद शव को परिवार वालों को सौंप दिया गया।
वीडियो कॉल
दफन होने के बाद रफीक ने दोस्त से वीडियो कॉल पर की बात
रफीक के परिजनों ने शव का पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करके कब्रिस्तान में दफना दिया। इस दौरान रफीक का परिवार, दोस्त और रिश्तेदार सभी उसकी मौत पर दुखी थे।
इसके कुछ दिन बाद रफीक ने अपने एक दोस्त को वीडियो कॉल की, जिसके बाद रफीक को जिंदा देखकर उसका दोस्त हैरान रह गया। उसने यह बात तुरंत रफीक के परिजनों को बताई।
दरअसल, जिस इंसान को रफीक समझकर दफनाया गया था, वह रफीक था ही नहीं।
शव
शव की पहचान करने में परिजनों को हुआ धोखा
शव की शिनाख्त करते वक्त रफीक के भाई ने पुलिस को बताया था कि दो महीने पहले कुछ कारणों से रफीक परिवार को छोड़कर चला गया था। उस वक्त उन्होंने पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, लेकिन फिर भी वह नहीं मिला।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस शख्स की मृत्यु ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी, उसका चेहरा रफीक के चेहरे से काफी मिलता-जुलता था, इसलिए परिजनों को भी शव की पहचान करने में धोखा हो गया।
बयान
अज्ञात मृत शख्स के परिजनों का पता लगाने की कोशिश कर रही पुलिस
मामले पर GRP पुलिस निरीक्षक नरेश रणधीर ने बताया कि परिवार को शव सौंपने के बाद उन्हें रफीक के जिंदा होने की सूचना मिली।
उन्होंने कहा, "हमने रफीक से बात की, जिससे पता चला कि वह पिछले दो महीनों से एक संस्था में रहकर वहीं काम करता है। फिलहाल रफीक अपने परिवार के पास वापस लौट चुका है। जिस शख्स के शव को रफीक समझकर दफना दिया गया था, अब पुलिस उसके परिजनों का पता लगा रही है।"