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जापान का यह बच्चा गेमिंग के लिए छोड़ रहा है स्कूल, माता-पिता भी कर रहे समर्थन
बच्चा गेमिंग के लिए छोड़ रहा है पढ़ाई

जापान का यह बच्चा गेमिंग के लिए छोड़ रहा है स्कूल, माता-पिता भी कर रहे समर्थन

लेखन सयाली
Jan 05, 2026
11:45 am

क्या है खबर?

हर बच्चे के लिए पढ़ाई सबसे जरूरी होती है, जो उनका भविष्य उज्जवल बनाती है। पढ़ने के बाद खाली समय में वे गेम खेलें तो माता-पिता को कोई ऐतराज नहीं होता। हालांकि, जापान का एक बच्चा गेम खेलने के लिए पढ़ाई छोड़ने को भी तैयार है। जी हां, यह बच्चा स्कूल छोड़कर केवल गेमिंग करना चाहता है, ताकि वह पैसे कमा सके। हैरानी की बात यह है कि उनके माता-पिता भी इस निर्णय में उनका साथ दे रहे हैं।

मामला

3 साल की उम्र से कर रहे हैं गेमिंग

बच्चे का नाम तारौ है, जो 12 साल के हैं। वह तब से गेमिंग कर रहे हैं जब वह महज 3 साल के थे। अब वह एक स्ट्रीमर बन गए हैं, जो सोशल मीडिया पर गेम खेलते हुए लाइव आते हैं। उनके गेम खेलते-खेलते 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स भी हो गए हैं। उन्होंने हाल ही में घोषणा की है कि प्राइमरी स्कूल से पास होने के बाद वह E-स्पोर्ट्स में करियर बनाने के लिए पढ़ाई छोड़ने वाले हैं।

निर्णय

E-स्पोर्ट्स को देना चाहते हैं पूरा समय

2020 में एक पेशेवर E-स्पोर्ट्स खिलाड़ी की मदद से तारौ ने अपना चैनल शुरू किया था। वह मुख्य रूप से फोर्टनाइट नाम का खेल खेलते हैं। तारौ ने घोषणा में कहा, "मैं एक ऐसी जीवनशैली बनाना चाहता हूं, जो मुझे E-स्पोर्ट्स को गंभीरता से आगे बढ़ाने दे। साथ ही मुझे सोने, एक्सरसाइज और पढ़ाई के लिए भी काफी समय मिले।" उन्होंने परिवार और स्कूल के साथ एक साल तक बात-चीत की और अब जा कर नतीजे पर पहुंचे।

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प्रशिक्षण

फोर्टनाइट के चैंपियन बनने का देखते हैं सपना

तारौ फोर्टनाइट वर्ल्ड कप में मुकाबला करने का सपना देखते हैं और इसी लिए उन्होंने स्कूल छोड़ने का फैसला किया है। वह कहते हैं, "अगर मैं पेशेवरों से आगे निकलना चाहता हूं या उन्हें हराना चाहता हूं, तो दिन में 10 घंटे से कम अभ्यास करना काफी नहीं होगा।" उनके पिता ने उनके इस फैसले का समर्थन करने हुए कहा, "एथलीट दिन में 5 घंटे प्रशिक्षण करते हैं, लेकिन गेमिंग में खिलाड़ी 13-14 घंटे प्रशिक्षण करते हैं।"

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पिता

पिता को बेटे पर है पूरा भरोसा

तारौ के पिता का मानना है कि अगर वह स्कूल जाएंगे तो थके रहेंगे और गेमिंग का अभ्यास नहीं कर पाएंगे। उनको बेटे की काबिलियत पर पूरा भरोसा है और वह मानते हैं कि उनमें आम बच्चों से ज्यादा प्रतिभा है। तारौ प्राइमरी स्कूल के दूसरे साल से ही बड़े-बड़े खिलाड़ियों को आसानी से हरा देते हैं। एक बार उन्होंने लगातार 28 घंटे गेम खेला था और उसमें इतना खो गए थे कि पैंट में ही पेशाब कर दी थी।

प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर सामने आई लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

तारौ के स्कूल छोड़ने के निर्णय पर लोगों ने ऑनलाइन अपना गुस्सा जाहिर किया है। कुछ ने कहा, "सारा समय E-स्पोर्ट्स को देना बर्बादी जैसा लगता है।" वहीं, कुछ लोग उनकी हौसला अफजाई भी कर रहे हैं। अब तक यह सामने नहीं आया है कि उन्हें घर पर पढ़ाया जाएगा या नहीं। एक उपयोगकर्ता ने कहा, "कुछ सालों में उनकी कमाई शायद पहले ही उतनी हो गई है, जितनी ज्यादातर लोग पढ़ाई और नौकरी करके पूरी जिंदगी में कमाते हैं।"

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