क्या अफगानिस्तान में रहकर टीम को कोचिंग देंगे रिचर्ड पायबस? नवनियुक्त कोच ने किया खुलासा
क्या है खबर?
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के नवनियुक्त मुख्य कोच रिचर्ड पायबस ने युद्धग्रस्त देश में रहकर काम करने को लेकर अहम बयान दिया है। अफगानिस्तान के तनावग्रस्त माहौल के कारण अब तक विदेशी कोच देश के बाहर रहते हुए सिर्फ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) या भारत में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों से पहले ही क्रिकेटरों के साथ काम करते रहे हैं। हालांकि, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने नए कोच के लिए अफगानिस्तान में रहकर ही काम करने की पाबंदी लगाई है।
बयान
अफगानिस्तान में रहने को लेकर क्या बोले पायबस?
पायबस ने अफगानिस्तान में रहकर काम करने को लेकर क्रिकबज से कहा "अफगानिस्तान में रहकर काम करने से मुझे कोई आपत्ति नहीं है। आप जानते हैं मैं दुनिया के कई अलग-अलग हिस्सों में रह चुका हूं, इसलिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैं इसके लिए उत्सुक हूं और देश में मौजूद प्रतिभा को देखने के लिए लालायित हूं।" बता दें कि पायबस टी-20 विश्व कप 2026 के बाद कोच पद छोड़ने वाले जोनाथन ट्रॉट की जगह लेंगे।
संस्कृति
अफगानिस्तान में है क्रिकेट की अद्भुत संस्कृति- पायबस
पायबस ने कहा, "मैंने अफगानिस्तान के बारे में बहुत अच्छी बातें सुनी हैं। वहां क्रिकेट की एक अद्भुत संस्कृति है। अफगानिस्तान में क्रिकेट का विकास देखना, जिस तरह से उन्होंने इतनी तेजी से प्रगति की है और उस स्तर पर खेलने में सक्षम हुए हैं जहां वे दुनिया की शीर्ष टीमों के बराबर हैं और कभी-कभी तो उनसे बेहतर भी होते हैं।" उन्होंने कहा, "हमने पिछले कुछ टी-20 विश्व कप में अफगानिस्तान की असाधारण प्रतिभा को देखा है।"
उत्सुकता
"खिलाड़ियों की तलाश करने के लिए हूं उत्सुक"
पायबस ने कहा, "मैं अफगानिस्तान के प्रांतों में जाकर खिलाड़ियों की तलाश करने, चयनकर्ताओं के साथ काम करने और खिलाड़ियों के विकास में जुटने के लिए उत्सुक हूं। यह जरूरी नहीं है कि आप सीरीज में रहते हुए ही खिलाड़ियों का विकास कर रहे हों।" उन्होंने कहा, "समय के साथ टीम का काफी विकास हुआ है। हमने पिछले कुछ विश्व कपों में देखा है, वे अब वास्तव में एक गंभीर क्रिकेट टीम हैं और इसलिए मैं बहुत उत्साहित हूं।"
लक्ष्य
पायबस ने बताया अपना पहला लक्ष्य
पायबस ने कहा, "फिलहाल मेरा ध्यान खिलाड़ियों को जानने, नेतृत्व को समझने और टीम के साथ तालमेल बिठाने पर रहेगा। मुझे खिलाड़ियों को जानना होगा, मुझे नेतृत्व के साथ तालमेल बिठाना होगा। आप जानते हैं, वे वास्तव में सफेद गेंद प्रारूप में एक उत्कृष्ट टीम के रूप में विकसित हुए हैं। ऐसे में अब उनकी ताकत को पहचानने के बाद उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए मजबूत बनाना और दुनियाभर में जीत हासिल करने में सक्षम बनाना मेरा प्रमुख लक्ष्य होगा।"