गौतम गंभीर को क्यों पसंद हैं गुरनूर बराड़? पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने बताई बड़ी वजह
क्या है खबर?
न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में गुरनूर बराड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट झटके थे। उनके इस धारदार प्रदर्शन को देखकर पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज मुरली कार्तिक ने उनकी जमकर तारीफ की है। कार्तिक ने यह भी बताया कि भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को गुरनूर क्यों पसंद आते हैं। उन्होंने इस युवा तेज गेंदबाज की गेंदबाजी के खास पहलुओं की ओर ध्यान दिलाया।
बयान
कार्तिक ने क्या कहा?
कार्तिक ने क्रिकबज से कहा, "गुरनूर की गेंदबाजी में आक्रामकता देखकर अच्छा लगा। हमें टीम में ऐसे ही गेंदबाज की जरूरत है। शायद यही एक वजह है कि गंभीर उन्हें पसंद करते हैं। वह काफी तेज और दमदार गेंद डालते हैं। बल्लेबाजों को शरीर की ओर आती गेंदों से परेशान करते हैं। फिर चाहे सामने विदेशी बल्लेबाज ही क्यों न हों। उन्होंने जितने बल्लेबाजों को गेंद से चोट पहुंचाई, उससे उनकी आक्रामकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।"
दिग्गज
गुरनूर बल्लेबाजों को परेशानी में डालते हैं- कार्तिक
कार्तिक ने आगे कहा कि गुरनूर तेज और दमदार गेंदबाजी करते हैं। वह बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाते हुए ऐसी गेंदें डालते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि गुरनूर जब गेंदबाजी करते हैं, कई बल्लेबाजों को पहुंचाते हैं।
कार्तिक के मुताबिक, ये भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत हैं, खासकर तब जब कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज जैसे 2 अनुभवी खिलाड़ी अभी भी टीम में मौका मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
खिलाड़ी
इस कारण गुरनूर और आकीब कर रहे हैं अच्छा प्रदर्शन
कार्तिक ने कहा कि गुरनूर और आकीब नबी जैसे गेंदबाजों के लिए यह अच्छा मौका है कि उन्हें अब गेंदबाजों की मददगार परिस्थितियों में खेलने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि डेब्यू के बाद से इन दोनों गेंदबाजों को भारत में सपाट पिचों पर गेंदबाजी करनी पड़ी है, जहां तेज गेंदबाजों के लिए कुछ खास मदद नहीं होती।
ऐसी परिस्थितियों में लगातार गेंदबाजी करना उनके लिए बेहद मुश्किल रहा है।
आनंद
गेंदबाजों के लिए अब अच्छा लग रहा- कार्तिक
कार्तिक ने आगे कहा कि खिलाड़ी खेल का आनंद लेने और उससे जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए मैदान पर उतरते हैं, लेकिन कई बार परिस्थितियां एकतरफा हो जाती हैं।
खासकर गेंदबाजों के लिए यह निराशाजनक होता है।
उन्होंने कहा कि कमेंट्री बॉक्स में बैठकर भी कई बार गेंदबाजों के लिए दुख होता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अब गुरनूर और आकीब को ऐसी परिस्थितियां मिली हैं, जो उनके पक्ष में हैं।