यशस्वी जायसवाल की असिथा फर्नांडों से क्यों हुई थी भिड़ंत? ध्रुव जुरेल ने किया खुलासा
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम और श्रीलंका क्रिकेट टीम के बीच कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच हुई तीखी बहस का एक महीने बाद बड़ा खुलासा हुआ है। भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने बताया कि आखिरी दोनों खिलाड़ियों के बीच क्या हुआ था, जिसके कारण दोनों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया था। आइए पूरी खबर पर नजर डालते हैं।
घटनाक्रम
क्या था पूरा घटनाक्रम?
यह वाकया भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में हुआ था, जब फर्नांडो ने जायसवाल का विकेट चटकाया था।
जायसवाल शांति से पवेलियन लौट रहे थे, लेकिन तभी गेंदबाज की ओर से आई किसी टिप्पणी के बाद वे अत्यधिक क्रोध में वापस मुड़े और गेंदबाज से भिड़ गए।
बात इतनी बढ़ गई थी कि जायसवाल लगभग फर्नांडो से सिर टकराने की स्थिति में आ गए थे, जिसके बाद श्रीलंकाई फील्डरों ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग किया था।
खुलासा
जुरेल ने क्या किया खुलासा?
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत के दौरान जुरेल ने कहा, "जायसवाल आउट होने के बाद चुपचाप पवेलियन लौट रहे थे, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाज उन्हें लगातार गालियां दे रहा था, जिस पर जायसवाल ने कहा कि कोई बात नहीं। तुमने मेरा विकेट लिया, तुम सामान्य आक्रामकता दिखा सकते हो, लेकिन मुझे गाली नहीं दे सकते।"
जुरेल ने कहा, "जायसवाल ने मुझे बताया था कि फर्नांडो विकेट लेने के बाद उन्हें लगातार उन्हें गालियां दे रहा था"
स्वभाव
जायसवाल के स्वाभाव को लेकर क्या बोले जुरेल?
जब चोपड़ा ने कहा कि जायसवाल तो बड़े जोशीले खिलाड़ी हैं और अगर आप उन्हें उकसाएंगे तो वे भी पलटवार करेंगे, तो इस पर जुरेल ने कहा, "बिल्कुल। वे कभी भी खुद से उकसावा नहीं देंगे। मैंने उन्हें ऐसा करते कभी नहीं देखा। वे हमेशा खेल पर केंद्रित रहते हैं। वे हमेशा अपनी बल्लेबाजी के बारे में सोचते रहते हैं, लेकिन अगर आप हमें उकसाएंगे, तो हम भी पलटवार करेंगे यही उनकी हमेशा से रणनीति रही है।"
कार्रवाई
इस मामले में ICC ने क्या की थी कार्रवाई?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इस मामले में दोनों खिलाड़ियों को अनुच्छेद 2.12 (लेवल 1 अपराध) का दोषी माना था।
उसके बाद दोनों खिलाड़ियों पर 25 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया और 1-1 डिमेरिट अंक दिया गया था।
तत्कालीन बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने माना कि यह गरमागरमी में हुआ था। हालांकि, जायसवाल को उतना करीब नहीं जाना चाहिए था। यह मुकाबला आखिरी दिन ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।