
भारत में टेस्ट क्रिकेट के रोमांच को कायम रखने के लिए कोहली ने दी ये सलाह
क्या है खबर?
रांची में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को पारी और 202 रनों से हरा दिया।
इस जीत के साथ ही भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ में दक्षिण अफ्रीका को क्लीन स्वीप कर दिया।
सीरीज़ में खेले गए तीनों टेस्ट में दो चीजें कॉमन रही। पहला भारत का दबदबा और दूसरा मैदान में मौजूद दर्शकों की संख्या।
रांची में लगभग खाली स्टैंड देखने के बाद विराट कोहली ने बड़ा बयान दिया है।
बयान
टेस्ट के लिए हमें केवल पांच स्टेडियम चाहिए- कोहली
रांची में तीसरा टेस्ट जीतने के बाद कोहली ने कहा कि भारत में टेस्ट क्रिकेट के लिए पांच स्टेडियम निश्चित कर दिए जाएं और रोटेशन की क्रिया केवल वनडे और टी-20 में लागू की जाए।
कोहली ने कहा, "इस बारे में हम लंबे समय से विचार-विमर्श कर रहे हैं। मेरे विचार से हमें पांच स्टेडियमों को टेस्ट के लिए निश्चित कर देना चाहिए। रोटेशन और बाकी चीजें वनडे और टी-20 के लिए ठीक हैं।"
विदेशी टीमें
भारत आने वाली टीमों को पता होना चाहिए कि वे कहां खेलेंगे- कोहली
कोहली ने इसके अलावा ये भी कहा कि भारतीय टीम जब विदेश जाती है तो उन्हें पता होता है कि वे कहां खेलेंगे, पिच कैसी होगी और वहां के लोग कैसे होंगे।
भारतीय कप्तान ने आगे कहा, "भारत आने वाली टीमों को पता होना चाहिए कि वे कहां खेलने जा रहे हैं, पिच कैसी होगी और वहां की क्राउड कैसी होगी। मैं पूरी तरह से समहत हूं कि हमें टेस्ट के लिए पांच स्टेडियम ही चाहिए।"
टेस्ट स्टेडियम
1980 तक भारत में टेस्ट के लिए थे छह ट्रेडिशनल टेस्ट स्टेडियम
1980 तक भारत में टेस्ट के लिए मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलोर और कानपुर के रूप में छह टेस्ट स्टेडियम थे।
1990 के दौरान मोहाली को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया, लेकिन पिछले 10-15 सालों में टेस्ट क्रिकेट को देश के लगभग हर कोने में पहुंचा दिया गया है।
भारतीय क्रिकेट का घर कहे जाने वाले मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम ने 2016 से कोई टेस्ट होस्ट नहीं किया है।
टिकट
रांची में बिके थे केवल 2,000 टिकट
रांची टेस्ट के दौरान बेहद कम दर्शक मैदान में देखे गए थे। दर्शकों की संख्या सैकड़े में ही सिमट कर रह गई थी।
झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के एक ऑफिशियल के मुताबिक तीसरे टेस्ट के लिए रांची में केवल 2,000 टिकट ही बिके थे।
पुणे में खेले गए दूसरे टेस्ट के दौरान भी इसी तरह कम दर्शक देखने को मिले थे तो वहीं विजाग में खेले गए पहले टेस्ट में भी लोग नहीं पहुंचे थे।