'सैंडपेपर गेट' विवाद पर उस्मान ख्वाजा का खुलासा, कहा- घटना में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम थी शामिल
क्या है खबर?
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सबसे बड़े विवादों में से एक 'सैंडपेपर गेट' को लेकर उस्मान ख्वाजा ने बड़ा खुलासा किया है। पूर्व सलामी बल्लेबाज ख्वाजा ने दावा किया है कि दक्षिण अफ्रीका में हुई इस घटना में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम शामिल थी। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रेसिंग रूम में बैनक्रॉफ्ट के बगल में बैठने के बावजूद, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के जांचकर्ता ने इस घटना के बारे में उनसे कभी पूछताछ नहीं की। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा।
आत्मकथा
अपनी आत्मकथा 'सब्र' में ख्वाजा ने किया है ये खुलासा
दरअसल, ख्वाजा अपनी आत्मकथा 'सब्र' को जल्द ही प्रकाशित कराने वाले हैं और उन्होंने सैंडपेपर से जुड़े अपने सनसनीखेज दावों का इसमें प्रमुखता से जिक्र किया है।
उन्होंने इस किताब के बारे में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और CA के CEO टॉड ग्रीनबर्ग को पहले ही बता दिया है।
दिलचस्प रूप से ख्वाजा ने यह किताब खुद लिखी है, जिसमें उन्होंने किसी लेखक या पत्रकार की कोई मदद नहीं ली है।
इंटरव्यू
सैंडपेपरगेट' घटना में हम सभी शामिल थे- ख्वाजा
किताब के रिलीज होने से 3 दिन पहले नाइन पेपर्स के साथ एक इंटरव्यू में ख्वाजा ने बताया है कि इसमें विवादित 'सैंडपेपरगेट' घटना के बारे में क्या होगा।
उन्होंने कहा कि केपटाउन में गेंद पर सैंडपेपर के इस्तेमाल के बारे में पूरी टीम को पता था, और इससे पहले वाले टेस्ट मैच में भी इसका इस्तेमाल हुआ था।
ख्वाजा ने इंटरव्यू में कहा, "इसमें हम सभी शामिल थे। न सिर्फ बल्लेबाज, न सिर्फ गेंदबाज, और न ही सिर्फ स्टाफ।"
प्रकरण
क्या था 'सैंडपेपर गेट' प्रकरण?
'सैंडपेपर गेट' घटना मार्च 2018 में दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में खेले गए टेस्ट मैच में हुई थी।
मैच के तीसरे दिन बैनक्रॉफ्ट को सैंडपेपर से गेंद को रगड़ते हुए कैमरों में कैद किया गया था। उन्होंने गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग का लाभ दिलाने के लिए ऐसा किया था।
बाद में स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट ने गेंद से छेड़छाड़ की बात स्वीकार की, जिसमें वार्नर की मुख्य भूमिका सामने आई थी।
इस पर CA ने प्रतिबंध की कार्रवाई की थी।
प्रतिबंध
CA ने की थी कड़ी कार्रवाई
तब CA ने इस प्रकरण पर तत्कालीन कप्तान स्मिथ, डेविड वार्नर और बैनक्रॉफ्ट को जिम्मेदार माना था।
स्मिथ और वार्नर को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट खेलने से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था, जबकि बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का प्रतिबंध लगाया गया था।
वार्नर पर अंतरराष्ट्रीय और ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में जीवन भर के लिए किसी भी कप्तानी से रोक लगा दी गई थी। बाद में 2024 में इस प्रतिबंध को हटा दिया गया था।