
टी-20 विश्व कप से पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच बने ट्राय कूले
क्या है खबर?
आज से भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 प्रारूप में त्रिकोणीय सीरीज खेलनी है।
इस सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के ट्रॉय कूले को गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है।
इस त्रिकोणीय सीरीज के ठीक बाद 10 फरवरी से दक्षिण अफ्रीका में ही टी-20 विश्व कप खेला जाना है, जिसको ध्यान में रखते हुए ये नियुक्ति की गई है।
आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।
बयान
हम NCA में उनके साथ काम कर चुके हैं- हरमनप्रीत कौर
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने यह जानकारी दी है कि कूले इस समय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका में मौजूद हैं।
उन्होंने सीरीज की शुरुआत से पहले कहा, "हाँ, वह (कूले) हमारे साथ है। इससे पहले हम NCA में उनके साथ काम कर चुके हैं और लगभग हर गेंदबाज उन्हें अच्छी तरह जानता है। वह पहले से ही टीम के साथ हैं और हम उनके साथ काम कर रहे हैं।"
बयान
कूले के साथ काम करना हर किसी को पसंद है- हरमनप्रीत
भारतीय कप्तान ने आगे कहा, "वह बहुत उत्साहित है और गेंदबाजों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। उनके साथ काम करना हर किसी को पसंद होता है। यह सब अच्छा चल रहा है और उम्मीद है कि हम परिणाम भी देखेंगे।"
बता दें कि कूले को विश्व क्रिकेट में सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजी कोचों में से एक माना जाता है। वह इससे पहले इंग्लैंड की पुरुष टीम के साथ भी काम कर चुके हैं।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
भारतीय गेंदबाजों ने पिछली सीरीज में किया था निराश
कूले पिछले कुछ समय से NCA में कार्यरत थे। वह भारत की पुरुष अंडर-19 टीम के साथ बांग्लादेश दौरे पर गए थे। वह अब भारतीय महिलाओं के साथ काम करेंगे।
भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पिछली घरेलू सीरीज में गेंदबाजी में खराब प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने उस सीरीज के सभी पांचो मैचों में 170 से रन के स्कोर बनाए थे और सीरीज को 4-1 से अपने नाम किया था।
जानकारी
कूले की निगरानी में इंग्लिश तेज गेंदबाजों ने एशेज में किया था दमदार प्रदर्शन
2005 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में कूले को काफी अधिक सफलता मिली थी। इंग्लिश तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में काफी धारदार गेंदबाजी की थी।
मैथ्यू होगार्ड, एंड्रयू फ्लिंटॉफ, साइमन जोंस और स्टीव हार्मिसन ने कंगारू बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था।
इस सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया ने कूले को साइन किया था। 2010-11 में उन्होंने टीम का साथ छोड़कर ब्रिसबेन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को ज्वाइन किया था।