
रोहित ने किया खुलासा, इस वजह से कर रहे थे टेस्ट में संघर्ष
क्या है खबर?
भारतीय ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा के लिए 2019 काफी शानदार रहा और वह इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
रोहित ने 2019 में तीनों फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया। खास तौर से टेस्ट में रन बनाकर रोहित ने अपने आलोचकों का मुंह बंद करवाया।
हिटमैन ने अब खुद बताया है कि आखिर वह पहले टेस्ट क्रिकेट में इतना संघर्ष क्यों कर रहे थे।
बयान
तकनीक के बारे में ज़्यादा सोचता था- रोहित
रोहित ने बताया कि अपनी तकनीक के बारे में ज़्यादा सोचने के कारण ही वह टेस्ट में सफलता हासिल नहीं कर पा रहे थे।
उन्होंने कहा, "मैं टेस्ट में सफलता हासिल करने के लिए काफी ज़्यादा सोचता था। मैं हमेशा सोचता था कि मैं ये शॉट क्यों खेल रहा हूं। हर पारी के बाद मैं वीडियो एनालिस्ट के साथ बैठता और खुद को और भी ज़्यादा कन्फ्यूज कर लेता था।"
दक्षिण अफ्रीका सीरीज़
लोगों के हिसाब से दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ मेरे लिए आखिरी मौका था- रोहित
काफी लोगों को लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित को ओपनिंग इसलिए कराई जा रही है क्योंकि यह टेस्ट में उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है।
इस बारे में रोहित ने कहा, "लोगों के हिसाब से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ मेरे लिए आखिरी मौका था, लेकिन मैं एक खिलाड़ी हूं और मैं इस प्रकार नहीं सोच सकता। यदि मैंने इसे आखिरी मौका समझा होता तो इतने रन नहीं बना पाता।"
प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित के बल्ले से निकले थे खूब रन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में अपना ओपनिंग डेब्यू किया।
ओपनर के तौर पर अपने पहले टेस्ट की दोनों पारियों में रोहित ने शतक लगाए और पहली पारी में उन्होंने 174 रनों की पारी खेली।
दूसरे टेस्ट में केवल पहली पारी में बल्लेबाजी करने वाले रोहित फेल रहे, लेकिन तीसरे टेस्ट में उन्होंने 212 रनों की पारी खेली।
रोहित ने उस सीरीज़ की चार पारियों में सबसे ज़्यादा 529 रन बनाए थे।
आंकड़े
रोहित ने नंबर छह पर खेली हैं सबसे ज़्यादा टेस्ट पारियां
2013 में टेस्ट डेब्यू करने वाले रोहित ने कुल 53 टेस्ट पारियां खेली हैं और उनमें 25 पारियां उन्होंने नंबर छह पर खेली हैं।
रोहित ने नंबर छह पर तीन शतक और छह अर्धशतकों की बदौलत 54 की औसत के साथ 1,037 रन बनाए हैं।
इसके अलावा वह नंबर तीन, नंबर चार और नंबर पांच पर भी खेल चुके हैं।
ओपनर के तौर पर छह पारियों में उन्होंने 92 की औसत के साथ 556 रन बनाए हैं।