हॉकी विश्व कप के इन संस्करणों में भारतीय टीम ने किया उम्दा प्रदर्शन
क्या है खबर?
हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम अपने पहले मैच में वेल्श से 15 अगस्त को भिड़ेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से और 19 अगस्त को पाकिस्तान से भिड़ेगी। इस बार हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम अपनी चुनौती पेश करेगी। इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत ने सिर्फ एक खिताब जीता है। इस बीच हॉकी विश्व कप में भारत के सबसे बेहतर प्रदर्शन के बारे में जानते हैं।
1971
1971 (कांस्य पदक)
हॉकी विश्व कप का पहला संस्करण 1971 में बार्सिलोना में खेला गया था।
भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ हार मिली थी।
10 टीमों के बीच हुए टूर्नामेंट में भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही थी।
फाइनल में पहुंचने में नाकाम रही भारतीय टीम ने कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में केन्या को 2-1 से हराया था।
उस संस्करण के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने मेजबान स्पेन को 1-0 से हराया था।
1973
1973 (रजत पदक)
हॉकी विश्व कप का दूसरा संस्करण 1973 में नीदरलैंड में खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम उपविजेता रही थी।
फाइनल मैच नीदरलैंड और भारत के बीच 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुआ था। आखिर में मेजबान डच टीम ने भारत को पेनल्टी स्ट्रोक में भारत को हराया था।
उस संस्करण के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 1-0 से हराया था।
उस बार कुल 12 टीमों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।
1975
1975 (स्वर्ण पदक)
शुरुआती 2 संस्करण में खिताब से चूकने के बाद आखिरकार 1975 में भारतीय हॉकी टीम विश्व विजेता बनी थी।
मलेशिया में हुए उस संस्करण के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराया था।
खिताबी मुकाबले में भारत से सरजीत सिंह और अशोक कुमार ने 1-1 गोल किए थे।
अजीत पाल सिंह ने टीम की कप्तानी की थी।
इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में मेजबान मलेशिया को अतिरिक्त समय में 3-2 से हराया था।
2026
हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम
गोलकीपर: मोहित एचएस, और सूरज करकेरा
डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, और यशदीप सिवाच।
मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकंठ शर्मा, और विवेक सागर प्रसाद।
फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह, और अभिषेक।
हॉकी विश्व कप 2026 के लिए ग्रुप-D में भारतीय टीम मौजूद है। यह संस्करण बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में खला जाना है।