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इन 3 दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों का कोच के रूप में बेहद संघर्षपूर्ण रहा कार्यकाल
अनिल कुंबले का भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल काफी संघर्षपूर्ण रहा था

इन 3 दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों का कोच के रूप में बेहद संघर्षपूर्ण रहा कार्यकाल

Nov 02, 2026
05:08 pm

क्या है खबर?

भारतीय क्रिकेट टीम को कोचिंग देना खेल में सबसे पसंदीदा कामों में से एक है। हालांकि, इसके साथ कई विवाद और आलोचनाएं भी जुड़ी होती हैं। इसका कारण टीम को एक एकजुट करते हुए बेहतर परिणाम हासिल करने की चुनौती है। पिछले कुछ सालों में कई कोच अपने समय के दौरान विवादों में घिरे रहे हैं। इसी सिलसिले में हम 3 ऐसे दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों पर नजर डालते हैं जिन्हें कोच की भूमिका में संघर्ष करना पड़ा।

#1

कपिल देव

वनडे विश्व कप 1983 जीतने वाले महान कप्तान कपिल देव को सितंबर 1999 में भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया था।

उनके कार्यकाल की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू जीत के साथ शानदार रही थी।

हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खराब दौरे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार से हालात बदल गए।

मैच फिक्सिंग विवाद ने उनके कार्यकाल को और ज्यादा खराब कर दिया, जिसके कारण सितंबर 2000 में उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

#2

अनिल कुंबले

टेस्ट और वनडे दोनों में भारत के सर्वाधिक विकेट लेने वाले अनिल कुंबले को 2016 में भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया था।

उनके कार्यकाल में भारत ने टेस्ट मैचों में काफी सफलता हासिल की, जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप और इंग्लैंड को 4-0 से हराना शामिल है।

हालांकि, चैंपियंस ट्रॉफी 2017 फाइनल में पाकिस्तान से हार के बाद कुंबले ने कप्तान विराट कोहली के साथ खराब रिश्ते का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया।

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#3

बिशन सिंह बेदी

खेल के इतिहास के सबसे बेहतरीन बाएं हाथ के स्पिनरों में से एक बिशन सिंह बेदी का 1990-91 में टीम के कोच के तौर पर कार्यकाल उतार-चढ़ाव भरा और छोटा रहा।

उनके कार्यकाल में भारत को न्यूजीलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच त्रिकोणीय सीरीज में भी मुश्किल हुई।

उन्होंने कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन की आलोचना के साथ पूरी टीम को प्रशांत महासागर में फेंकने का भी विवादित बयान दिया था।

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