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टी-20 विश्व कप 2026: भारत-जिम्बाब्वे मैच में ओस से निपटने के लिए अपनाई गई MLB पद्धति
भारत-जिम्बाब्वे मैच में ओस से निपटने के लिए अपनाई गई MLB पद्धति

टी-20 विश्व कप 2026: भारत-जिम्बाब्वे मैच में ओस से निपटने के लिए अपनाई गई MLB पद्धति

Feb 26, 2026
02:56 pm

क्या है खबर?

टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में गुरुवार (26 फरवरी) को भारतीय क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के बीच होने वाले अहम मैच से पहले तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने बड़ा कदम उठाया है। TNCA ने एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में ओस से निपटने के लिए 'ड्यू क्योर' नामक अमेरिकी रसायन का इस्तेमाल किया है। इसका उपयोग आमतौर पर मेजर लीग बेसबॉल (MLB) स्टेडियमों में किया जाता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।

रसायन

'ड्यू क्योर' क्या है?

TNCA ने टी-20 विश्व कप 2026 के लिए मैदान की रूपरेखा तैयार करने के बाद 'ड्यू क्योर' नामक रसायन आयात किया। इस रसायन को पानी में मिलाकर दो दिनों तक मैदान पर छिड़का गया, ताकि इस महत्वपूर्ण मैच की तैयारी की जा सके। बताया जाता है कि यह घास की पत्तियों से नमी सोख लेता है और गीली होने पर उन्हें सुखा देता है। गुरुवार दोपहर भी यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी ताकि मैच के दौरान ओस की समस्या न हो।

रणनीति

ओस रहित परिस्थितियों से संतुष्ट है भारतीय टीम

भारतीय टीम ने मंगलवार और बुधवार को चेपॉक में अभ्यास किया। इस दौरान टीम प्रबंधन ओस रहित परिस्थितियों से संतुष्ट नजर आया। BCCI की ओर से टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल के लिए भी इसी पद्धति का उपयोग किए जाने की संभावना है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हाल के वर्षों में टी-20 मैचों के परिणामों पर ओस के प्रभाव को देखते हुए इसे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में भी लागू किया जा सकता है।

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मुकाबला

भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है यह मुकाबला

भारत को सुपर-8 के ग्रुप-1 में दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के साथ रखा गया है। प्रोटियाज टीम ने भारत को 76 रनों हराया है। ऐसे में भारत को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे। अगर, भारत एक भी हार जाता है, तो उस पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा बढ़ जाएगा। उसे वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों को बड़े अंतर से हराना होगा और यह उम्मीद करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका अपराजित रहे।

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पिच

एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच रिपोर्ट और अन्य विवरण

चेन्नई के एम चिदंबरम स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहती है। यहां 170-180 रन आसानी से बनाए जा सकते हैं। अगर मैच में स्पिनर सटीक गेंदबाजी करें, तो वे महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख बदल सकते हैं। स्टेडियम की पिच विषेष रूप से दूसरी पारी में स्पिनर और धीमी गति के गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यह मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा।

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