टी-20 विश्व कप 2026: एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच रिपोर्ट और अन्य रोचक आंकड़े
क्या है खबर?
टी-20 विश्व कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने वाला है। इस बार ये टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में खेला जा रहा है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में कुल 7 मुकाबले खेले जाएंगे। यहां पहला मुकाबला न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम और अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के बीच 8 फरवरी को खेला जाएगा। ऐसे में ये स्टेडियम टूर्नामेंट के लिहाज से बेहद खास है। आइए इस स्टेडियम की पिच रिपोर्ट और रोचक आंकड़ों पर एक नजर डाल लेते हैं।
आंकड़े
टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे हैं मैदान के आंकड़े
इस मैदान पर पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2012 में खेला गया था। अब तक यहां 3 मुकाबले हुए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 1 मैच जीता है, बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को 2 मैच में जीत मिली है। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी शिखर धवन (92 रन बनाम वेस्टइंडीज, 2018) ने खेली थी। सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन ब्रायडन कार्स (3/29 बनाम भारत, 2025) का रहा। टॉस का इस मैदान पर काफी अहम भूमिका रहने वाला है।
प्रदर्शन
एमए चिदंबरम स्टेडियम के अन्य आंकड़े
चेपॉक स्टेडियम में सबसे बड़ा स्कोर भारतीय टीम (182/4 बनाम वेस्टइंडीज) के नाम है। यहां सबसे छोटा स्कोर भारत (136/9 रन बनाम न्यूजीलैंड) ने बनाया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मैदान पर औसत स्कोर 171 रन का रहा है। इस मैदान पर धवन ने 1 मैच की 1 पारी में सबसे ज्यादा 92 रन बनाए हैं। कार्स और इरफान पठान ने यहां संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 3-3 विकेट लिए हैं।
पिच
कैसा रहता है पिच का मिजाज?
चेन्नई की पिच में आमतौर पर स्पिनरों को मदद मिलती है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवरों में तेज गेंदबाज सतह का फायदा ले सकते हैं। यहां की विकेट अमूमन सूखी और सख्त होती है, जो मैच के आगे बढ़ने के साथ और खराब होती जाती है। बल्लेबाज अगर अपनी नजरें जमा लें तभी बड़ा स्कोर बना सकते हैं। यहां बड़े-बड़े स्कोर बनते हुए नहीं देखे गए हैं। ऐसे में टीमों को संयम से खेलना होगा।
दर्शक
एमए चिदंबरम स्टेडियम का ऐसा रहा है इतिहास
एमए चिदंबरम की स्थापना साल 1916 में हुई थी। यहां लगभग 38,000 दर्शक एक साथ बैठकर मैच का आनंद ले सकते हैं। साल 2008 से यह मैदान इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का घरेलू मैदान रहा है। इस स्टेडियम ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच साल 1934 में आयोजित किया था। सईद अनवर ने इसी मैदान पर 194 रन की पारी खेली थी। सुनील गावस्कर ने डॉन ब्रेडमैन के 29 शतकों का रिकॉर्ड यहीं तोड़ा था।