टी-20 विश्व कप 2026: श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका का अहम बयान, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान दासुन शनाका ने टी-20 विश्व कप 2026 से अपनी टीम के जल्दी बाहर होने के लिए बाहरी नकारात्मकता को जिम्मेदार ठहराया है। सुपर-8 चरण में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार 2 मैच हारने के बाद श्रीलंका सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। 2022 के मध्य से सीमित ओवरों के क्रिकेट में श्रीलंका के खराब प्रदर्शन के कारण इन हारों की क्रिकेट प्रशंसकों ने कड़ी आलोचना की है।
हालात
बाहरी नकारात्मकता ने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से किया प्रभावित
टीम के खराब प्रदर्शन को देखते हुए शनाका ने इस बात पर जोर दिया है कि बाहरी नकारात्मकता खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। बुधवार को न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ हार के बाद उन्होंने कहा, "हम क्रिकेटर चाहे कितनी भी सकारात्मक रहने की कोशिश करें, बाहर नकारात्मकता मौजूद है। अगर, आप स्टेडियम के बाहर देखेंगे तो पाएंगे कि कितने लोग माइक लेकर खड़े हैं और मैच देखे बिना ही तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।"
आंकलन
शनाका ने स्वीकार की पिच के गलत आंकलन की बात
शनाका ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने और टीम प्रबंधन ने पिच का गलत आकलन किया था, जो उम्मीद से ज्यादा स्पिन कर रही थी। श्रीलंका ने न्यूजीलैंड के स्पिनरों के हाथों 6 विकेट गंवा दिए और 107/8 का ही स्कोर बना पाई। कप्तान ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल पिचों के बारे में शिकायत की थी। उन्होंने कहा, "मैंने टूर्नामेंट से पहले बल्लेबाजी के अनुकूल पिच बनाने की मांग की थी।"
फिटनेस
चयन प्रक्रिया में फिटनेस एक अनिवार्य पहलू होना चाहिए- शनाका
शनाका ने टीम चयन में फिटनेस को एक अनिवार्य पहलू बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि इसमें कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि चोटों ने टीम के प्रदर्शन को प्रभावित किया है। वनिंदु हसरंगा और मथीशा पथीराना जैसे प्रमुख खिलाड़ी फिटनेस संबंधी चिंताओं के कारण मैच नहीं खेल पाए हैं। कप्तान ने इस विश्व कप अभियान में श्रीलंकाई प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरा न उतरने के लिए उनसे माफी भी मांगी।
कप्तानी
कप्तानी पर क्या बोले शनाका?
शनाका ने कहा, "अगर हम विश्व कप की योजना पर चल रहे हैं, तो हमें दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए। अल्पकालिक लक्ष्यों से ऐसे टूर्नामेंट खेलना मुश्किल है।" उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मैं कितने समय तक कप्तान रहूंगा। यह चयनकर्ताओं और श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड द्वारा तय किया जाता है, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे इतने लंबे समय तक यह अवसर मिला। मुझे खुशी है कि मैं कप्तान के रूप में विश्व कप खेल सका।"