सुरेश रैना ने 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम पर उठाए सवाल, कहा- गेंदबाजों को हो रहा नुकसान
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम और चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुरेश रैना ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, साल 2023 में लागू किए गए इस नियम ने खेल का संतुलन बिगाड़ दिया है और यह गेंदबाजों की तुलना में बल्लेबाजों के पक्ष में झुका हुआ है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में रैना ने इस नियम पर खुलकर अपनी राय रखी।
परेशानी
फिट खिलाड़ी भी बल्लेबाजी करने के बाद बैठ जाते हैं - रैना
रैना ने कहा, "मैं इम्पैक्ट प्लेयर नियम के खिलाफ हूं। बहुत सारे फिट खिलाड़ी बल्लेबाजी करते हैं और सिर्फ बैठ जाते हैं। आप (एक खिलाड़ी के रूप में) सुधार कैसे करेंगे? विश्व कप में ऐसा कोई नियम नहीं है।"
बढ़ते स्कोर और खेल के बदलते स्वरूप पर चिंता जताते हुए उन्होंने आगे कहा, "पहले 170 रन एक प्रतिस्पर्धी स्कोर होता था, लेकिन अब 250 रन भी चेज हो रहे हैं। यहां तक कि 300 रन भी बनाए जा रहे हैं।"
महत्व
नियम से खत्म हो रहा है ऑलराउंडर्स का महत्व
रैना के अनुसार, इस नियम से अतिरिक्त बल्लेबाजी गहराई आ जाती है, जिससे विकेट गिरने का डर खत्म हो गया और गेंदबाजों के पास मैच प्रभावित करने के मौके बेहद कम रह गए हैं।
गौरतलब है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज भी नियम पर आपत्ति जता चुके हैं।
'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम टीमों को टॉस के बाद 5 इम्पैक्ट खिलाड़ियों का नाम देने और मैच के दौरान किसी भी समय एक खिलाड़ी को बदलने की अनुमति देता है।
लीग
भारतीय खिलाड़ियों के विदेशी लीगों में खेलने पर क्या बोले रैना?
IPL के बढ़ते कद के बीच भारतीय खिलाड़ियों को बिग बैश लीग (BBL) या इंग्लैंड की द हंड्रेड जैसी विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति देने के पुराने विवाद पर भी रैना ने सीधा जवाब दिया।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अब भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हमारी लीग बहुत बड़ी हो चुकी है। मैं खुद खेलने के बेहद करीब आ गया था, लेकिन तब उन्होंने (BCCI) मना कर दिया था।"
महत्व
कम हो गया है विदेशी लीगों का महत्व - रैना
रैना ने जोर दिया कि उनके समय से अब तक चीजें कितनी बदल गई हैं।
उन्होंने कहा कि IPL सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक बन गया है, जबकि विदेशी लीगों का महत्व अतीत की तुलना में कम हो गया है।
उन्होंने कहा, "अब यहां बहुत सारे विदेशी खिलाड़ी आते हैं और विदेशी लीगों का स्तर भी गिर गया है। उस समय तो मैं निश्चित रूप से हां कह देता, लेकिन इस समय हम दुनिया पर राज कर रहे हैं।"