कोलंबो टेस्ट: भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, सारांश जैन को मिला मौका
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम और श्रीलंका क्रिकेट टीम दूसरे टेस्ट मैच के लिए आमने-सामने हैं। कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत की ओर से सारांश जैन अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर रहे हैं। उन्हें भारतीय ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने डेब्यू कैप सौपीं। 33 वर्षीय सारांश घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश से खेलते हैं। आइए मैच से जुड़ी अहम जानकारी पर एक नजर डालते हैं।
प्रदर्शन
सारांश का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कैसा रहा है प्रदर्शन?
सारांश ने साल 2014 में तमिलनाडु के खिलाफ अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया था।
उन्होंने अब तक 54 मैच खेले हैं, जिसकी 97 पारियों में 27.30 की औसत और 3.01 की इकॉनमी से 188 विकेट चटकाए हैं।
इसमें 10 बार 4 और 10 बार 5 विकेट हॉल शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/75 का रहा है।
इसी तरह उन्होंने 85 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 2,223 रन भी बनाए हैं। इसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं।
प्लेइंग इलेवन
ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
श्रीलंका की प्लेइंग इलेवन: लाहिरू उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंदु मेंडिस, धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), केशरा नुवांथा, प्रभात जयसूर्या, लाहिरू कुमारा, और असिथा फर्नांडो।
भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, सारांश जैन, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, और प्रसिद्ध कृष्णा।
हेड-टू-हेड
भारत का पलड़ा रहा है भारी
भारत और श्रीलंका के बीच 47 टेस्ट हुए हैं। इस दौरान भारतीय टीम को 23 मैच में जीत मिली है।
श्रीलंका केवल 7 मैच अपने नाम करने में सफल हो पाई है। 17 मैच ड्रॉ रहे हैं।
भारतीय टीम ने श्रीलंका में 25 टेस्ट खेले हैं, जिसमें से 10 में जीत दर्ज की है और 7 में शिकस्त झेली है।
इस बीच 8 टेस्ट ड्रॉ रहे थे। भारत ने श्रीलंका को उनके घर पर पिछले 6 टेस्ट में हराया है।
पिच
कैसा है पिच का मिजाज?
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब की पिच शुरुआत में बल्लेबाजी के अनुकूल रहती है।
पहले 2 दिनों में अच्छा उछाल मिलता है, जिससे बल्लेबाज रन बना सकते हैं। हालांकि, तीसरे दिन से पिच धीमी होने लगती है और स्पिनर्स को टर्न का फायदा होता है।
स्वाभाविक रूप से चौथी पारी में बल्लेबाजी सबसे कठिन होती है।
हाउस्टेट के मुताबिक, इस पिच में पहली पारी का औसत स्कोर 317 रन है।