भारतीय टीम में चयन ने प्रभसिमरन सिंह के बीमार पिता को दी नई ऊर्जा, जानिए कैसे
क्या है खबर?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स (PBKS) के सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को जिम्बाब्वे दौरे पर खेली जाने वाली 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चुना गया है। उन्हें IPL में लगातार किए गए अच्छे प्रदर्शन का ईनाम मिला है। हालांकि, प्रभसिमरन के चयन ने उनसे ज्यादा उनके पिता सरदार सुरजीत सिंह को खुशी दी है, जो वर्तमान में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और नियमित रूप से डायलिसिस करवाते हैं।
बयान
प्रभसिमरन ने पिता की खुशी को लेकर क्या कहा?
TOI से बातचीत में प्रभसिमरन ने कहा, "काफी समय के बाद आया है पाजी। हम सब इंतजार कर रहे थे। वाहेगुरु का शुक्र है।" उन्होंने कहा, "मेरे पिता की सेहत ऐसी है कि वे खुद उठ नहीं पाते हैं, लेकिन जब हमने यह खबर सुनाई, तो वे खुद उठ गए। यह खुशी उनके स्वास्थ्य में एक प्रतिशत भी सुधार करती है, तो यह मेरे लिए बहुत मायने रखती है। उन्होंने कहा कि अब जा रहा है तो नीचे नहीं आना।"
संदेश
प्रभसिमन के पिता ने क्या दिया संदेश?
प्रभसिमरन ने कहा, "मैने सबसे पहले घर पहुंचकर अपने पिता को यह खबर सुनाई थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कहा कि और मेहनत करो और आगे बढ़ते रहो।" प्रभसिमरन ने कहा, "मैं लंबे समय से इसका इंतजार कर रहा था क्योंकि पहले मुझे खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिलते थे। जब मुझे सही मौके मिलने शुरू हुए, तो मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की और सब कुछ ठीक रहा। मैंने IPL के 2 अच्छे सीजन खेले हैं।"
सफर
कैसा रहा है प्रभसिमरन का IPL का सफर?
प्रभसिमरन ने IPL के शुरुआती दिनों से लंबा सफर तय किया है, जब उन्हें लगातार मौकों के लिए संघर्ष करना पड़ा था। उनका शानदार प्रदर्शन 2023 में देखने को मिला जब उन्होंने 358 रन बनाए, जिसमें उनका पहला IPL शतक भी शामिल था। इसके बाद 2024 में उन्होंने 334 रन बनाए। हालांकि, 2025 और 2026 में लगातार 2 सीजन में 500 से अधिक रन बनाने से PBKS के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में उनकी जगह पक्की हो गई।
सुधार
प्रभसिमरन ने लगातार अपने खेल में किया सुधार
प्रभसिमरन के खेल में पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार हुआ है, खासकर उनकी निरंतरता में। उन्होंने क्रीज पर लंबे समय तक टिके रहना और अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में बदलना सीख लिया है। पूर्व में वह अच्छी शुरुआत के बाद लंबी पारी नहीं खेल पा रहे थे, लेकिन अब उन्होंने इस कमी को दूर किया। उन्होंने IPL 2026 में 42.50 के औसत और 168.87 के स्ट्राइक रेट से 6 अर्धशतक जड़े, जिनमें 23 छक्के शामिल थे।
सपना
भारत के लिए खेलने का सपना देखकर आगे बढ़े प्रभसिमरन
प्रभसिमरन के लिए उनकी सारी मेहनत अंततः एक ही लक्ष्य पर आकर टिक गई कि कैसे भी भारत का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने कहा, "मेरे मन में हमेशा से बस एक ही बात रही है कि भारत के लिए खेलना है।" राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का उनका सफर उनके हम उम्र साथियों से अलग था। जहां अन्य खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में जल्दी जगह बना चुके थे, वहीं उन्हें अपने अवसर के लिए काफी मेहनत और लंबा इंतजार करना पड़ा है।
सुधार
विकेटकीपर की भूमिका से मिला सहयोग
प्रभसिमरन के प्रदर्शन में सुधार केवल रन बनाने तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने सभी प्रारूप में विकेटकीपर की चुनौतीपूर्ण भूमिका भी निभाई है। 25 वर्षीय प्रभसिमरन का मानना है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी ने उन्हें अपनी फिटनेस सुधारने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा, "अगर आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं तो फिटनेस बहुत जरूरी है। अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण मैने अपनी फिटनेस, बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ज्यादा ध्यान दिया है।"