
मैच फिक्स करने से मना किया तो मेरा करियर खत्म कर दिया गया- आकिब जावेद
क्या है खबर?
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज आकिब जावेद पिछले कुछ समय से लगातार फिक्सिंग के बारे में बोल रहे हैं।
पिछले महीने उन्होंने कहा था कि फिक्सिंग का संगठित समूह भारत में है और अब उनका कहना है कि फिक्सिंग का ऑफर ठुकराने के कारण उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हुआ था।
आपको बता दें कि जावेद ने 25 साल की उम्र में पाकिस्तान के लिए अपना अंतिम मुकाबला खेला था।
खुलासा
मैच नहीं फिक्स करने पर करियर खत्म होने की मिली थी धमकी- जावेद
पाकिस्तान के लोकल न्यूज चैनल ने जावेद को कोट करते हुए लिखा, "महंगी गाड़ियां और लाखों रुपये खिलाड़ियों को दिए जाते थे। मुझसे भी मैच फिक्स करने को कहा गया था और धमकी मिली थी कि ऐसा नहीं करने पर मेरा करियर खत्म हो जाएगा। सलीम परवेज के माध्यम से फिक्सिंग होती थी।"
पाकिस्तान के लिए इकलौता वनडे खेलने वाले परवेज ने सलीम मलिक और आमेर सोहेल को पैसों का ऑफर देने की बात कबूल की थी।
बयान
फिक्सिंग का विरोध करने पर लोगों ने मुझे कर दिया साइडलाइन- जावेद
जावेद ने आगे कहा, "जब मैंने फिक्सिंग के बारे में सुना तो मैंने इसका कड़ा विरोध किया। मुझे इस बात का गम नहीं है कि इससे मेरा करियर छोटा रह गया। मेरे प्रतिरोध के कारण लोगों ने मुझे दौरे से साइडलाइन करना शुरु कर दिया।"
धमकी
जावेद ने कही थी जांच के दौरान जान से मारने की धमकी मिलने की बात
90 के दशक में चल रही जांच के दौरान आकिब ने एक बयान में कहा था कि मैच-फिक्सिंग से मना करने के कारण अकरम ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया था।
आकिब ने पिछले महीने कहा कि उन्हें उस समय फिक्सर्स द्वारा जान से मारने की धमकी मिली थी।
उन्होंने यह भी कहा कि मैच फिक्स करने के लिए चार-पांच खिलाड़ियों की जरूरत होती थी जो 90 के दशक में कठिन चीज नहीं थी।
क्रिकेटिंग करियर
नेशनल टीम से बाहर होने के बाद आठ साल तक फर्स्ट-क्लास खेले जावेद
1988 से लेकर 1998 तक चले इंटरनेशनल करियर में तेज गेंदबाज आकिब ने पाकिस्तान के लिए 163 वनडे और 22 टेस्ट मैच खेले हैं।
वनडे में उन्होंने 182 और टेस्ट में 54 विकेट हासिल किए हैं। नवंबर 1998 में उन्होंने अपना आखिरी वनडे और टेस्ट दोनों खेला।
नेशनल टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने 2006 तक फर्स्ट-क्लास मैच खेले और 121 मैचों में 358 विकेट हासिल किए।