
क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने अगले साल तक के लिए स्थगित की मजांसी सुपर लीग
क्या है खबर?
दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट पर मडंरा रहे संकट के बादल और भी गहरे होते जा रहे हैं।
इस महीने की शुरुआत में ही क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) के अधिकारियों को अपना पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद से लगातार बोर्ड में साउथ अफ्रीकन स्पोर्ट्स कंफेडरेशन एंड ओलंपिक कमेटी (SASCOC) का हस्तक्षेप होने लगा है।
बोर्ड की संकट से जूझ रहे होने के बीच अब CSA ने मजांसी सुपर लीग (MSL) को भी स्थगित कर दिया है।
MSL
2021 तक के लिए स्थगित हुआ MSL
MSL के 2021 तक स्थगित होने के बाद कार्यकारी चीफ एक्सीक्यूटिव कुगेंड्री गोवेंडर को कोट करते हुए लिखा गया कि 2020-21 ग्लोबल क्रिकेट कैलेंडर काफी व्यस्त होने वाला है।
आगे लिखा गया, "इंटरनेशनल क्रिकेट के कार्यक्रम को दोबारा व्यवस्थित किए जाने और अन्य टी-20 लीग्स का दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के शेड्यूल पर गहरा असर पड़ा है।"
इसके अलावा स्टार क्रिकेट के उपलब्ध नहीं होने को भी MSL स्थगित करने का कारण बताया गया है।
भविष्य की योजना
सिंगल राउंड फ्रेंचाइजी टी-20 टूर्नामेंट का होगा आयोजन
MSL के आयोजन की बजाय खिलाड़ी अगले साल अक्टूबर-नवंबर में भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप की तैयारी करेंगे।
आने वाले समर के दूसरे हाफ में एक सिंगल राउंड फ्रेंचाइजी टी-20 टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा।
बोर्ड को अच्छे स्पॉन्सर भी नहीं मिले हैं और उन्हें पता था कि यदि स्टार खिलाड़ियों के बिना MSL खेला जाता तो बोर्ड को होने वाले नुकसान में और बढ़ोत्तरी होती।
टूर्नामेंट का इतिहास
2018 में आयोजित हुआ था MSL का पहला संस्करण
नवंबर 2017 में CSA टी-20 ग्लोबल लीग का आयोजन कराने वाली थी, लेकिन आर्थिक मामले के कारण इसे 2018 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
जून 2018 में घोषणा हुई कि यह टूर्नामेंट आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
इसके बाद छह टीमों वाले फ्रेंचाइजी टी-20 लीग के आयोजन की घोषणा हुई जिसे MSL के नाम से जाना जाता है।
MSL के अब तक दो संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं।
संकट
लगातार बुरे दौर से गुजर रही है CSA
पिछले तीन सालों में CSA के चार CEO रह चुके हैं और सरकार काफी अस्थिर रही है।
CSA भारी आर्थिक नुकसान से गुजर रही है और उन्होंने स्पॉन्सर भी खोए हैं।
सरकार के क्रिकेट बोर्ड में लगातार दखलअंदाजी करने और टीम में रंगभेद को बढ़ावा देने के कारण 1970 में ICC ने दक्षिण अफ्रीका को इंटरनेशनल क्रिकेट से बैन कर दिया था।
21 साल बाद जाकर वे वापसी कर सके थे।