
मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते हुए धोनी बोले- पारी की शुरुआत में दबाव महसूस करता हूं
क्या है खबर?
पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की हर हालात में खुद को शांत रखने की कला लोगों को काफी ज़्यादा पसंद आती है।
भले ही सबको लगता है कि धोनी कभी दबाव में नहीं आते हैं, लेकिन अब उन्होंने खुद खुलासा किया है कि पारी के शुरुआती 5-10 गेंदों में उन्हें डर लगता है।
मानसिक अनुकूलन के लिए काम कर रही संस्था MFORE के लिए धोनी ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी बात की है।
बयान
धोनी ने दिया अपना उदाहरण
धोनी ने कहा, "कोई इस बात को नहीं कहता है कि जब मैं बल्लेबाजी करने जाता हूं तो शुरुआती 5-10 गेंदों में मेरे दिल की धड़कन सामान्य नहीं होती है। मैं प्रेशर महसूस करता हूं, मैं डरा होता हूं और ऐसा सबके साथ होता है।"
बयान
भारत में लोगों को समझना होगा मानसिक स्वास्थ्य का महत्व- धोनी
धोनी का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भारत में लोगों को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है।
उन्हें ऐसा लगता है कि मानसिक स्वास्थ्य से संबंधी हर चीज को यहां मानसिक रोग से जोड़कर देखा जाने लगता है।
धोनी ने कहा, "भारत में अभी भी मेरे हिसाब से मानसिक संबंधी चीजों को समझने के लिए कई बड़े मुद्दे हैं, लेकिन आमतौर पर हम इसे मानसिक रोग की तरह देखते हैं।"
परिचय
क्या है MFORE और इसका उद्देश्य?
पूर्व भारतीय बल्लेबाज एस. बद्रीनाथ ने सरवन कुमार नामक एंत्रापेन्योर के साथ मिलकर इस पहल की शुरुआत की है।
इसके लिए उनके पास दुनियाभर के 20-25 मानसिक अनुकूलन कोचों और स्पोर्ट्स मनोवैज्ञानिकों का एक ग्रुप होगा और उनका उद्देश्य खिलाड़ियों के साथ बातचीत करना होगा।
इनके आने वाले प्रोग्राम खिलाड़ियों को मानसिक ट्रेनिंग करने का मौका भी प्रदान करेंगी जिससे वे मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से बाहर निकल सकें।
कोच
कोच और खिलाड़ी का रिश्ता काफी अहम- धोनी
350 वनडे में 10 शतक और 73 अर्धशतकों के साथ 10,773 रन बना चुके धोनी का मानना है कि किसी भी खेल में खिलाड़ी और कोच का रिश्ता काफी अहम होता है।
उन्होंने कहा, "मानसिक अनुकूलन कोच ऐसा नहीं होना चाहिए जो केवल 15 दिन के लिए हो, क्योंकि 15 दिन में आप केवल अनुभव बता पाएंगे। यदि वह कोच लगातार खिलाड़ियों के साथ रहेगा तो वह समझ पाएगा कि कैसे खिलाड़ी के खेल पर प्रभाव पड़ रहा है।"
भारतीय टीम
नौ महीनों से टीम से बाहर हैं धोनी
90 टेस्ट में छह शतक, एक दोहरा शतक और 33 अर्धशतक लगाकर 4,876 रन बनाने वाले धोनी ने 2014 में इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था।
98 टी-20 में 1,617 रन बनाने वाले धोनी ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला 2019 विश्वकप सेमीफाइनल के रूप में खेला था।
धोनी को टीम सो बाहर हुए नौ महीने से ज़्य़ादा का समय हो गया है और उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से भी बाहर कर दिया गया है।