
सेमीफाइनल में धोनी को सात नंबर पर भेजने का मैं अकेला जिम्मेदार नहीं था- संजय बांगड़
क्या है खबर?
2019 क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कप्तान कोहली और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर काफी सवाल उठे थे।
सबसे ज़्यादा विकेटकीपर बल्लेबाज़ एम एस धोनी को सात नंबर पर भेजने के कारण कप्तान कोहली और सहायक कोच संजय बांगड़ की आलोचना हुई थी।
हालांकि, अब भारतीय टीम के सहायक कोच संजय बांगड़ ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। आइये जानते हैं कि हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बांगड़ ने क्या कुछ कहा।
बातचीत
धोनी को सात नंबर भेजने का फैसला मेरे अकेले का नहीं था- संजय बांगड़
इंटरव्यू में जब बांगड़ से पूछा गया कि क्या धोनी को सात नंबर पर भेजने का फैसला आपका था?
इस पर बांगड़ ने कहा, "मुझे आश्चर्य होता है कि इस मामले में लोग मेरी तरफ क्यों देखते हैं। यह मेरे अकेले का फैसला नहीं था। सबकुछ स्थितियों का जायजा लेने के बाद तय हुआ था।"
उन्होंने आगे कहा, "अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के बाद टीम मीटिंग में तय हुआ था कि धोनी निचले क्रम में भी खेल सकते हैं।"
बातचीत
खिलाड़ियों की चोट पर फिजियो नज़र रखते हैं- बांगड़
बता दें कि विजय शंकर को फिट घोषित करने को लेकर भी संजय बांगड़ की काफी आलोचना हुई थी। इस मामले के सवाल का जवाब देते हुए बांगड़ ने कहा, "प्रेस कांफ्रेंस में मुझसे विजय शंकर की चोट को लेकर एक सवाल भी नहीं पूछा गया था। हां, भुवनेश्वर और जडेजा को लेकर सवाल पूछे गए थे।"
उन्होंने आगे कहा, "प्रेस कांफ्रेंस में मैं अकेला जवाब नहीं दे रहा था। हम फिजियो की राय भी ले रहे थे।"
विश्व कप
विजय शंकर को बांगड़ ने बताया था फिट
खबरों के मुताबिक संजय बांगड़ ने विजय शंकर मैच फिट घोषित किया था, लेकिन उसके अगले दिन ही वह विश्व कप से बाहर हो गए थे।
इस पर बांगड़ ने कहा, "शंकर 19 जून को चोटिल हुए और 22 जून को मैच खेले। लेकिन 27 जून के मैच में उनको बाएं पैर में फिर दर्द हुआ। तब हमने उन्हें बल्लेबाज़ के रूप में खिलाया। लेकिन जब राहुल को चोट लगी, तो दूसरे ओपनर के लिए हमने शंकर की रिप्लेसमेंट ली।"
आवेदन
मैंने बल्लेबाज़ी कोच के लिए दोबारा आवेदन किया है- बांगड़
बांगड़ ने कहा, "मैंने बल्लेबाज़ी कोच के लिए दोबारा आवेदन किया है, क्योंकि मैंने और रवि शास्त्री ने जैसा काम किया, उसका परिणाम सब के सामने हैं। ICC रैंकिंग में पिछले तीन सीजन से हम नंबर वन हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे साथ भारतीय टीम ने शानदार तरक्की की है। मैं टीम को और खिलाड़ियों को अच्छे से समझता हूं। अगर मुझे दोबारा मौका मिलता है तो हम टी-20 विश्व कप और टेस्ट चैंपियनशिप में सफलता हासिल कर सकते हैं।"