मोहम्मद अजहरूद्दीन ने की श्रीलंका की ऐतिहासिक जीत की सराहना, जानिए क्या दिया बयान
क्या है खबर?
पाकिस्तान में खेली जा रही त्रिकोणीय वनडे सीरीज 2026 के तीसरे मैच में श्रीलंका क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम को हराकर इतिहास रच दिया है। रावलपिंडी में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने हैरी ब्रूक के रिकॉर्ड तोड़ दोहरे शतक की बदौलत 429/4 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे श्रीलंका ने 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत पर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद अजहरूद्दीन ने श्रीलंकाई टीम की जमकर तारीफ की है।
बयान
अजहरूद्दीन ने क्या दिया बयान?
अजहरूद्दीन ने ANI से कहा, "मुझे 400 रनों के लक्ष्य का पीछा करना पूरी तरह से अवास्तविक लगता है, लेकिन आजकल क्रिकेट ऐसा हो गया है। मैं श्रीलंकाई टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं क्योंकि उन्होंने यह उम्मीद बनाए रखी कि वे भी जीत सकते हैं। अगर आप उम्मीद छोड़ देते हैं, तो ऐसा स्कोर कभी नहीं बनता। इसके साथ ही हैरी ब्रूक ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की, मैं उन्हें भी बधाई देता हूं। यह मुकाबला बेहद शानदार था।"
स्मरण
अजहरूद्दीन ने 2006 के मुकाबले को याद किया
अजहरूद्दीन ने साल 2006 में जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका द्वारा हासिल किए गए 435 रनों के लक्ष्य को याद करते हुए कहा कि वनडे क्रिकेट में ऐसे असाधारण मुकाबले बहुत ही दुर्लभ होते हैं।
उन्होंने कहा, "यह शायद इतिहास में दूसरी या तीसरी बार ही हो रहा है जब 400 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया गया है। यह क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है और लोगों को इसका लुत्फ उठाना चाहिए।"
सुझाव
टेस्ट क्रिकेट और भारतीय टीम पर क्या बोले अजहरूद्दीन?
इस उच्च स्कोरिंग और आक्रामक मुकाबले की तारीफ करने के साथ अजहरूद्दीन ने खेल के पारंपरिक प्रारूप को बचाने की वकालत भी की।
उन्होंने कहा, "मैं यह कहना चाहूंगा कि टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। क्रिकेट का मुख्य और असली प्रारूप टेस्ट ही है।"
उन्होंने न्यूजीलैंड दौरे पर पहले टी-20 मैच में जीत दर्ज करने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को भी बधाई दी और उम्मीद जताई कि टीम टी-20 और वनडे दोनों सीरीज जीतने में सफल रहेगी।
इतिहास
श्रीलंका ने किस तरह दर्ज की ऐतिहासिक जीत?
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड से टॉम बैंटन (50) और जो रूट (69) ने अर्धशतक लगाए। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने दोहरा शतक (202) लगाते हुए टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
जवाब में श्रीलंका से अविष्का फर्नांडो 97 रन बनाकर आउट हुए। उनके बाद पवन रत्नायके (130) ने शतक लगाया और दासुन शनाका भी 97 रन की पारी खेलकर आउट हुए।
संकट की घड़ी में जनिथ लियानागे ने 27 गेंदों में 61* रन बनाकर जीत दिलाई।