IPL में PBKS के ये खिलाड़ी हुए हैं सर्वाधिक बार शून्य पर आउट, जानिए आंकड़े
क्या है खबर?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स (PBKS) के कई खिलाड़ी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन कई बार वे बिना खाता खोले भी आउट हुए हैं। इस तेज प्रारूप में जोखिम लेना जरूरी होता है और यही जोखिम कई बार भारी पड़ जाता है। कई अनुभवी खिलाड़ी भी इस स्थिति से बच नहीं पाए हैं। ऐसे में आइए उन खिलाड़ियों पर नजर डालते हैं, जो PBKS के लिए सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट हुए हैं।
#1
ग्लेन मैक्सवेल (10 बार)
इस सूची में पहले स्थान पर PBKS के पूर्व ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल हैं। उन्होंने PBKS के लिए 72 मुकाबले खेले थे और इसकी 68 पारियों में 10 बार शून्य पर आउट हुए थे। उनके बल्ले से 22.74 की औसत और 155.32 की स्ट्राइक रेट से 1,342 रन निकले थे। उन्होंने PBKS के लिए 6 अर्धशतक लगाए थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 95 रन रहा था। इस खिलाड़ी ने अपना आखिरी IPL मुकाबला 2025 में खेला था।
#2
मंदीप सिंह और पीयूष चावला (7-7 बार)
मंदीप सिंह और पीयूष चावला सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। ये दोनों खिलाड़ी अब IPL नहीं खेलते हैं। मंदीप ने आखिरी बार 2021 में IPL खेला था। वह 58 पारियों में 7 बार खाता खोले बिना आउट हुए थे। पीयूष 87 मैच की 52 पारियों में 7 बार शून्य पर आउट हुए थे। मंदीप के बल्ले से 122.62 की स्ट्राइक रेट से 1,073 रन निकले थे। पीयूष ने 12.93 की औसत से 401 रन बनाए थे।
#3
रविचंद्रन अश्विन, निकोलस पूरन और प्रभसिमरन सिंह (5-5 बार)
तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से 3 खिलाड़ी (रविचंद्रन अश्विन, निकोलस पूरन और प्रभसिमरन सिंह) हैं। ये तीनों खिलाड़ी 5-5 बार PBKS के लिए खेलते हुए खाता खोले बिना पवेलियन लौटे हैं। अश्विन ने 15 पारियों में 11.07 की औसत से 144 रन बनाए थे। पूरन के बल्ले से 31 पारियों में 606 रन निकले थे। प्रभसिमरन ने 56 पारियों में 1,516 रन बनाए हैं। पूरन अब लखनऊ सुपरजायंट्स (LSG) के लिए IPL में खेलते हैं।
#4
राहुल चाहर, गुरकीरत सिंह, अक्षर पटेल और मयंक अग्रवाल (4-4 बार)
चौथे स्थान पर संयुक्त रूप से 4 खिलाड़ी (राहुल चाहर, गुरकीरत सिंह, अक्षर पटेल और मयंक अग्रवाल) हैं। ये सभी खिलाड़ी 4-4 बार PBKS के लिए खेलते हुए खाता खोले बिना पवेलियन लौटे हैं। राहुल ने इस टीम के लिए 13 पारियों में 98 रन बनाए थे। गुरकीरत के बल्ले से 24 पारियों में 342 रन निकले थे। अक्षर ने 51 पारियों में 686 रन बनाए थे। मयंक ने 26.54 की औसत से 1,513 रन बनाए थे।