श्रीलंका बनाम भारत: कोलंबो टेस्ट में भारतीय स्पिनरों ने फेंकी 12 नो-बॉल, जानिए आंकड़े
क्या है खबर?
भारत को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और आखिरी टेस्ट में ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुशा के दोनों पारियों में शतक चर्चा में रहे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की लापरवाही भी सवालों के घेरे में रही। कोलंबो टेस्ट में भारत ने कुल 13 नो-बॉल फेंकीं, जिनमें से 12 स्पिन गेंदबाजों ने डालीं। यह टेस्ट क्रिकेट में भारतीय स्पिन आक्रमण की खराब अनुशासन वाली गेंदबाजी को दर्शाता है। आइए इससे जुड़े आंकड़ों पर नजर डालते हैं।
गेंदबाजी
सारांश जैन ने फेंकी सबसे ज्यादा नो-बॉल
श्रीलंका की पहली पारी में भारत ने 89.4 ओवर में 6 नो-बॉल फेंकीं। इनमें से 3 अनुभवी बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा ने डालीं।
डेब्यू कर रहे ऑफ-स्पिनर सारांश जैन ने 2 बार क्रीज से आगे निकलकर नो-बॉल की, जबकि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने एक नो-बॉल फेंकी।
तीसरी पारी में 154 ओवर के दौरान भारत ने 7 नो-बॉल डालीं। इनमें 5 सारांश ने, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार और जडेजा ने एक-एक नो-बॉल फेंकी।
आंकड़े
भारत अनचाही सूची में शामिल
क्रीकबज के अनुसार, 2021 के बाद किसी टेस्ट में स्पिन गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई 12 नो-बॉल तीसरी सबसे ज्यादा हैं।
इस अवधि में अफगानिस्तान ने 2023 में मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ 15 नो-बॉल और भारत ने 2021 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ 14 नो-बॉल फेंकी थीं।
इस दौरान किसी अन्य स्पिन आक्रमण ने टेस्ट में 10 नो-बॉल भी नहीं फेंकी हैं। कोलंबो में भारत की 12 नो-बॉल इस लिहाज से बेहद खराब रिकॉर्ड है।
पिछला टेस्ट
पहले टेस्ट में भी चूके थे जडेजा
गाले में खेले गए पहले टेस्ट में भारत की जीत के दौरान भी टीम के स्पिन गेंदबाजों ने 5 नो-बॉल फेंकी थीं।
इनमें से 4 जडेजा की गेंदों पर आई थीं। उन्होंने अपनी दोनों पारियों में 2-2 बार क्रीज से आगे निकलकर नो-बॉल की। मानव सुथार ने भी एक नो-बॉल फेंकी थी।
इस तरह 2 टेस्ट की सीरीज में भारतीय स्पिनरों की नो-बॉल की संख्या 17 रही। जडेजा के लगातार नो-बॉल करने से उनके अनुशासन पर भी सवाल उठे।
आंकड़े
नो-बॉल के मामले में जडेजा सबसे आगे
दुनिया के शीर्ष टेस्ट ऑलराउंडर जडेजा 2021 के बाद से टेस्ट में सबसे ज्यादा नो-बॉल फेंकने वाले स्पिनर हैं।
इस अवधि में उन्होंने 88 नो-बॉल फेंकी, जो पाकिस्तान के नोमान अली (40) और श्रीलंका के लसिथ अंबुलदेनिया (33) से काफी ज्यादा हैं।
जडेजा के नाम 150 फर्स्ट-क्लास मैचों में 589 विकेट हैं, इसलिए उनका इतनी नो-बॉल फेंकना चौंकाने वाला है।
वहीं, टेस्ट डेब्यू पर 7 नो-बॉल फेंकने वाले सारांश ने 55 फर्स्ट-क्लास मैचों में 191 विकेट लिए हैं।