ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ नेतृत्व को लेकर उत्साहित पडिक्कल, बोले- कप्तानी से बल्लेबाजी में मदद मिलती है
क्या है खबर?
श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाफ लगातार 2 टेस्ट शतक लगाकर शानदार वापसी करने वाले देवदत्त पडिक्कल अब भारत-A की कप्तानी करने के लिए तैयार हैं। वह 22 सितंबर से पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ होने वाली 2 चार-दिवसीय मैचों की सीरीज में टीम की अगुवाई करेंगे। कर्नाटक की कप्तानी संभालने के बाद पडिक्कल के बल्लेबाजी प्रदर्शन में भी सुधार आया है और उनका मानना है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी उनकी बल्लेबाजी को और बेहतर बनाती है।
बयान
भारत-A की कप्तानी को लेकर उत्साहित पडिक्कल
HT के अनुसार, पडिक्कल ने कहा, "निश्चित रूप से भारत-A टीम का कप्तान बनना एक शानदार अवसर है। मैं इसे लेकर उत्साहित हूं। मुझे नेतृत्व करना बहुत पसंद है। पिछले साल कर्नाटक के साथ शुरुआत करना मेरे लिए सीखने का शानदार अनुभव रहा। अब मैं उस अनुभव को भारत-A की टीम में आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूं।"
उन्होंने कहा कि कप्तानी उनके लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी है और टीम को जीत दिलाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा।
बयान
कप्तानी मेरी बल्लेबाजी में और मदद करती है- पडिक्कल
पडिक्कल ने कप्तानी और बल्लेबाजी के बीच संबंध बताते हुए कहा, "कप्तानी एक अतिरिक्त जिम्मेदारी है। आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आप टीम की मदद कर रहे हैं। मैंने हमेशा इसी तरह क्रिकेट खेला है। मैं हमेशा चाहता हूं कि टीम जीते। कप्तान के तौर पर आपका मुख्य लक्ष्य यही होता है कि टीम को जीत मिले। इससे मेरी बल्लेबाजी में भी और मदद मिलती है।"
कर्नाटक की कप्तानी संभालने के बाद उनकी बल्लेबाजी में सुधार आया है।
मुकाबला
नंबर-3 की जगह को लेकर साई सुदर्शन से है मुकाबला
भारत-A टीम में साई सुदर्शन भी शामिल हैं, जो श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले चोटिल हो गए थे।
उनकी गैरमौजूदगी में पडिक्कल ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी की और लगातार 2 शतक जड़ दिए।
सुदर्शन से प्रतिस्पर्धा पर पडिक्कल ने कहा, "भारतीय क्रिकेट में स्थानों के लिए हमेशा कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है। जरूरी है कि हम इस पर ज्यादा ध्यान न दें और अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेते रहें। जब तक मैं रन बना रहा हूं, मैं खुश हूं।"
प्रदर्शन
पडिक्कल ने श्रीलंका में लगाए थे 2 टेस्ट शतक
भारत ने श्रीलंका को टेस्ट सीरीज में 1-0 से हराया था।
उस सीरीज में पडिक्कल ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 3 पारियों में 109.33 की शानदार औसत के साथ 328 रन बनाए थे। उन्होंने दोनों टेस्ट मैचों में शतक जड़े थे।
इसके बाद उन्होंने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में भी साउथ जोन के लिए खेलते हुए अर्धशतक लगाया था।
वह भारत के लिए 4 टेस्ट मैचों में 69.67 की औसत से 418 रन बना चुके हैं।