राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में एक संस्करण में भारतीय मुक्केबाजों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
क्या है खबर?
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने सबसे ज्यादा 10 पदक मुक्केबाजी में जीते। ग्लासगो में भारतीय मुक्केबाजों ने अविश्वसनीय प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगाई। आंकड़ों की बात करें तो मुक्केबाजी में भारत ने 7 स्वर्ण पदक जीते और 3 रजत पदक भी अपने नाम किए। यह मुक्केबाजी में भारत का अब तक का सबसे सफल अभियान है। इस बीच राष्ट्रमंडल खेल के एक संस्करण में भारतीय मुक्केबाजों के सर्वश्रेष्ठ अभियान के बारे में जानते हैं।
2026
राष्ट्रमंडल खेल 2026 (कुल 10 पदक, स्वर्ण-7)
महिलाओं के 54 किलोग्राम में प्रीति पवार ने मुक्केबाजी में पहला स्वर्ण पदक जीता।
इसके बाद महिलाओं के 51 किलोग्राम फाइनल में साक्षी चौधरी, 57 किलोग्राम में जैस्मीन लेम्बोरिया, 60 किलोग्राम में प्रिया घनघस और 70 किलोग्राम में प्रिया घनघस ने स्वर्ण पदक जीते।
वहीं, पुरुषों के 60 किलोग्राम में सचिन सिवाच और 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीते।
नरेंद्र बेरवाल (90+ किलोग्राम), लवलीना बोरगोहेन (75 किलोग्राम) और जादुमणि सिंह (55 किलोग्राम) ने रजत जीते।
2022
राष्ट्रमंडल खेल 2022 (कुल पदक- 7, स्वर्ण-3)
2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 61 पदक जीते थे, जिसमें 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य शामिल थे।
पिछले बर्मिंघम खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 7 पदक जीते थे, जिसमें 3 स्वर्ण शामिल थे।
2022 में निकहत जरीन (50 किलोग्राम) और अमित पंघाल (51 किलोग्राम) और नीतू घनघस (48 किलोग्राम) ने स्वर्ण जीते थे।
सागर अहलावत ने रजत और जैसमीन लांबोरिया, रोहित टोकस और मोहम्मद हुसामुद्दीन ने कांस्य जीते।
2018
राष्ट्रमंडल खेल 2018 (कुल पदक-9, स्वर्ण- 3)
गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेल 2018 का आयोजन हुआ था, जिसमें भारत ने 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक जीते थे।
2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भी मुक्केबाजी में भारत ने कमाल किया था।
भारत ने मुक्केबाजी में कुल 9 पदक जीतकर इंग्लैंड के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था।
विशेष रूप से मैरी कॉम ने अपने करियर का पहला राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक जीता था।
उनके अलावा विकास कृष्ण और गौरव सोलंकी ने स्वर्ण जीते थे।
2010
राष्ट्रमंडल खेल 2010 (कुल पदक- 7, स्वर्ण-3)
राष्ट्रमंडल खेल 2010 का आयोजन नई दिल्ली में हुआ था, इसमें भारत ने कुल 101 पदक जीते थे।
मेजबानी करते हुए भारत ने इन खेलों में इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।
मुक्केबाजी की बात करें तो भारत ने कुल 7 पदक जीते, जिसमें 3 स्वर्ण पदक शामिल थे।
भारत से सुरंजनय सिंह (52 किलोग्राम), मनोज कुमार (64 किलोग्राम) और परमजीत समोटा (+91 किलोग्राम) ने स्वर्ण पदक जीते थे।