राष्ट्रमंडल खेल 2026: मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में जीता रजत पदक
क्या है खबर?
ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में रजत पदक जीता। इन खेलों के इतिहास में वह लगातार दूसरे संस्करण में पदक जीतने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही श्रीशंकर लंबी कूद में राष्ट्रमंडल खेलों में 2 पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। श्रीशंकर के अलावा भारत के लोकेश सत्यनाथन ने भी इस स्पर्धा में हिस्सा लिया था और वह 5वें स्थान पर रहे।
प्रदर्शन
श्रीशंकर ने फाइनल में 8.09 मीटर का सफल प्रयास किया
श्रीशंकर ने फाइनल में अपने पहले प्रयास में 8.03 मीटर लंबी कूद लगाई।
इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 8.09 मीटर की कूद लगाई।
चोट के बाद इन खेलों में वापसी करने वाले श्रीशंकर ने तीसरी और चौथी कूद में फाउल किए।
इसके बाद उन्होंने अपने आखिरी 2 प्रयास क्रमशः 7.94 और 7.97 मीटर के किए।
जमैका के ताजे गेल ने 8.15 मीटर के साथ स्वर्ण और स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।
ट्विटर पोस्ट
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Every leap counts. This one brings silver! 🥈🇮🇳
— Team India (@WeAreTeamIndia) July 29, 2026
Murali Sreeshankar soars to silver in the Men’s Long Jump. Replicates his silver from 2022 with a near identical jump. Good to see him back in action on the biggest stages and among the medals!
Let’s #Cheer4Bharat! 🇮🇳… pic.twitter.com/VyUJqxqOza
परिचय
केरल में जन्में हैं श्रीशंकर
27 मार्च, 1999 को केरल के पलक्कड़ में जन्मे श्रीशंकर के पिता एस मुरली उनके कोच हैं, जो खुद भी अपने समय में ट्रिपल जंपर रह चुके हैं।
श्रीशंकर ने 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतकर इतिहास रचा था।
वह इन खेलों में रजत पदक जीतने वाले लंबी कूद में पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने थे। उनसे पहले 1978 में सुरेश बाबू ने कांस्य जीता था।
जानकारी
एशियाई खेलों में भी पदक जीत चुके हैं श्रीशंकर
राष्ट्रमंडल खेलों के अलावा श्रीशंकर ने एशियाई खेलों और एशियन चैंपियनशिप में भी रजत पदक हासिल किए थे। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 8.41 मीटर है। 2024 में घुटने की गंभीर चोट के बाद वह पेरिस ओलंपिक 2024 में नहीं खेल सके थे।
सत्यनाथ
लोकेश सत्यनाथ नहीं जीत सके पदक
श्रीशंकर के साथी खिलाड़ी लोकेश सत्यनाथन ने फाइनल में अपनी पहली ही छलांग में 7.97 मीटर की दूरी तय की, जो उनके पूरे फाइनल का सर्वश्रेष्ठ प्रयास रहा।
वह बाकी कूद में भी 8 मीटर नहीं छू सके। इस प्रदर्शन के साथ लोकेश 5वें स्थान पर रहे।
यह उनके करियर का पहला राष्ट्रमंडल खेल थे। लोकेश का सीजन का सर्वश्रेष्ठ 8.21 मीटर है।
फाइनल में भले ही वह पदक से दूर रहे, लेकिन उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया।