राष्ट्रमंडल खेल 2026: पैरा पॉवरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने जीता कांस्य पदक, भारत का खाता खुला
क्या है खबर?
ग्लासगो में हो रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने अपना पहला पदक जीत लिया है। पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग फाइनल में झंडू कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। झंडू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया, जिससे उन्हें 130.9 अंक मिले और उन्होंने पोडियम पर अपनी जगह पक्की की। यह उनका इन खेलों में पहला ही पदक है। आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।
प्रदर्शन
196 किलोग्राम का भार नहीं उठा सके झंडू
झंडू ने 181 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर शुरुआत की और फिर अपने प्रदर्शन में सुधार किया। 196 किलोग्राम का उन्होंने अपना आखिरी प्रयास किया, लेकिन वे उस वजन को उठाने में सफल नहीं हो पाए।
इससे पहले भारत लाइटवेट इवेंट्स में मेडल जीतने से चूक गया था।
पुरुषों के लाइटवेट फाइनल में अशोक मलिक ने 200 किग्रा का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और चौथे स्थान पर रहे, जबकि परमजीत कुमार सातवें स्थान पर रहे।
ट्विटर पोस्ट
Twitter Post
🇮🇳 BRONZE! 🥉
— Team India (@WeAreTeamIndia) July 24, 2026
The first medal is on the board for #TeamIndia! 🇮🇳
A phenomenal performance by Jhandu Kumar in the Men’s Para Powerlifting Heavyweight event earns us our first Bronze Medal. 💪🥉
A proud start to the campaign—and here’s to many more podium finishes in the days… pic.twitter.com/Wvualfts0W
पदक
किसे मिला स्वर्ण पदक?
झंडू रजत पदक से चूक गए। इस स्पर्धा का रजत इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 199 किलोग्राम के सर्वश्रेष्ठ प्रयास और 131.0 अंक के साथ जीता।
स्वर्ण पदक नाइजीरिया के रिलुवान इद्रिस ने 132.8 अंक के साथ हासिल किया। इस अफ्रीकी महद्वीप के खिलाड़ी ने 208 किलोग्राम का अपना सबसे सफल प्रयास किया।
पैरा पावरलिफ्टिंग में पदक सिर्फ उठाए गए वजन से नहीं, बल्कि बॉडीवेट कोएफिशिएंट फॉर्मूला से मिलने वाले अंको के आधार पर दिए जाते हैं।
बयान
पदक जीतने के बाद झंडू ने अपनी खुशी व्यक्त की
पदक जीतने के बाद झंडू ने PTI से कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। इतनी खुशी है कि हम बयां नहीं कर सके। सबसे पहले हम अपने माता-पिता को फोन करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि मैं भारत के लिए पदक लाया हूं। बहुत अच्छा लगा जब हमने अपना तिरंगा देखा। 2025 में भी मैंने पदक जीते थे। एशियाई चैंपियनशिप में भी मैंने कांस्य पदक जीता था।"
इसके साथ-साथ उन्होंने अपने कोच का आभार व्यक्त किया।
परिचय
बिहार से ताल्लुक रखते हैं झंडू
झंडू कुमार का जन्म भारत के बिहार राज्य के नालंदा जिले के हरनौत गांव में हुआ था।
वह साधारण परिवार से आते हैं और उनके पिता सब्जी बेचने का काम करते हैं।
बचपन से ही पोलियो से प्रभावित होने के बावजूद, झंडू ने बड़े मंच तक पहुंचने के लिए आर्थिक और शारीरिक चुनौतियों का सामना किया और उन्हें पार किया।
वह पहले शॉट पुट और डिस्कस थ्रो किया करते थे, लेकिन उन्हें पावरलिफ्टिंग में सफलता मिली।