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कोलंबो टेस्ट: ICC ने प्रभात जयसूर्या को लगाई फटकार, डिमेरिट अंक भी दिया
ICC ने प्रभात जयसूर्या को लगाई फटकार (तस्वीर: एक्स/@ICC)

कोलंबो टेस्ट: ICC ने प्रभात जयसूर्या को लगाई फटकार, डिमेरिट अंक भी दिया

Aug 25, 2026
03:17 pm

क्या है खबर?

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बीते सोमवार को कोलंबो टेस्ट में आपस में भिड़ने वाले यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के खिलाफ कार्रवाई की थी। अब मंगलवार (25 अगस्त) को ICC ने श्रीलंका के अनुभवी स्पिनर प्रभात जयसूर्या को फटकार लगाई है। खेल की सर्वोच्च संस्था ने उन्हें एक डिमेरिट अंक भी दिया है। श्रीलंकाई क्रिकेटर ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।

घटना 

आउट होने के बाद आपा खो बैठे थे जयसूर्या 

जयसूर्या ने अपनी पहली पारी में आउट होने के बाद वापस पवेलियन जाते समय बाउंड्री पर बल्ला मारा था। ऐसे में उन्हें ICC कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन माना गया।

यह नियम क्रिकेट उपकरण, कपड़ों या मैदान के फिक्सचर/फिटिंग्स के दुरुपयोग से जुड़ा है।

ICC द्वारा उन्हें आधिकारिक फटकार दी गई और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में 1 डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया। यह उनके 24 महीनों में पहला अपराध था।

नियम 

प्रभात जयसूर्या ने अपनी गलती स्वीकार की 

कोलंबो टेस्ट में उनके खिलाफ मैदानी अंपायर अहसान रजा और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरेअंपायर रॉड टकर और चौथे अंपायर प्रगीथ रामबुकवेला ने आरोप लगाए थे।

जयसूर्या ने अपना अपराध मान लिया और मैच रेफरी के एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा सुझाई गई सजा को स्वीकार कर लिया।

इन सबके बावजूद उन पर मैच फीस का जुर्माना नहीं लगाया है। इससे पहले ICC ने जायसवाल और फर्नांडो में मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया था।

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प्रदर्शन 

कोलंबो टेस्ट में कैसा रहा प्रभात जयसूर्या का प्रदर्शन?

कोलंबो टेस्ट में जयसूर्या नाम के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने 42 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 132 रन देते हुए 2 विकेट लिए। भारत ने पहली पारी 503/9 के स्कोर पर घोषित की।

जवाब में जयसूर्या नाइटवॉचमैन के तौर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे थे, जिसमें वह सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए। वह मानव सुथार का शिकार बने थे।

LBW आउट होने के बाद वह अंपायर के निर्णय से नाराज दिखे थे।

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प्रदर्शन 

क्या मिली थी जायसवाल और फर्नांडो को सजा?

कोलंबो टेस्ट में जायसवाल और फर्नांडो ICC आचार संहिता के आर्टिकल 2.12 के दोषी पाए गए, जो किसी खिलाड़ी, मैच अधिकारी या अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से जुड़ा हुआ है।

मैच फीस के जुर्माना के साथ-साथ इन दोनों खिलाड़ियों को 1-1 डिमेरिट अंक भी दिया गया था।

अगर किसी खिलाड़ी के 24 महीनों के रिकॉर्ड के अंदर 4 या उससे अधिक डिमेरिट अंक जमा हो जाते हैं, तो खिलाड़ी पर प्रतिबंध तक की कार्रवाई हो सकती है।

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