एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में फिर होगा IPL और अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन, मिली सरकार की मंजूरी
क्या है खबर?
बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैचों का आयोजन किया जा सकेगा। कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) को इसके लिए हरी झंडी दे दी है। यह फैसला क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। KSCA ने इस अहम मंजूरी की जानकारी एक आधिकारिक प्रेस नोट के जरिए दी, जिसमें बताया गया कि अब स्टेडियम में बड़े स्तर के मुकाबले फिर से खेले जा सकेंगे।
मंजूरी
कर्नाटक सरकार ने रखी ये शर्तें
कर्नाटक सरकार से मिली मंजूरी कुछ खास नियम और शर्तों के अधीन होगी, जिनका पालन करना अनिवार्य रहेगा। KSCA ने भरोसा जताया है कि वह सरकार और संबंधित एजेंसियों द्वारा तय सभी शर्तों को पूरी तरह पूरा करेगा। एसोसिएशन पहले ही एक्सपर्ट रिव्यू कमेटी के सामने विस्तृत अनुपालन रोडमैप पेश कर चुका है। KSCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा, सेफ्टी और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सभी इंतजामों को पूरी ईमानदारी और सख्ती से लागू किया जाएगा।
IPL
इस घटना के बाद नहीं हो रहा मैचों का आयोजन
पिछले साल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के ट्रॉफी जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत के बाद स्टेडियम में कोई भी मैच आयोजित नहीं किया गया। विजय हजारे ट्रॉफी के मुकाबले भी इस मैदान को नहीं दिए गए और मुकाबले BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्टेडियम में कराए गए। पिछले साल बेंगलुरु महिला विश्व कप की मेजबानी से भी वंचित रहा और आगामी पुरुष टी-20 विश्व कप में भी उसे मैच नहीं मिला।
कर्नाटक
IPL के मैचों की पहले ही मिल गई थी मंजूरी
दिसंबर की शुरुआत में कर्नाटक कैबिनेट ने कुछ शर्तों के साथ चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL मैचों के आयोजन को मंजूरी दे दी थी। KSCA के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने इस ऐतिहासिक मैदान को फिर से सक्रिय करना अपनी प्राथमिकता बताया था। विश्व कप का शेड्यूल पहले से तय होने के चलते अब चिन्नास्वामी के दरवाजे 2025 के बाद पहली बार किसी बड़े आयोजन के लिए खुलेंगे। अब IPL में RCB अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत यहीं से करेगी।
मामला
क्या था पूरा मामला?
RCB ने पहली बार IPL की ट्रॉफी जीती थी। हालांकि, 24 घंटे में ये खुशी मातम में बदल गई। 4 जून 2025 की दोपहर करीब 3:25 बजे चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान भगदड़ मच गई। यह कार्यक्रम उसी दिन आयोजित हुआ था जब विधान सभा में भी जीत का सरकारी आयोजन हो रहा था, जो स्टेडियम से महज 1 किलोमीटर दूर था। इस हादसे में 11 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा घायल हुए थे।