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BWF विश्व चैंपियनशिप: त्रिसा-गायत्री की जोड़ी ने जीता कांस्य, खत्म हुआ 15 साल का इंतजार
त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने BWF विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है

BWF विश्व चैंपियनशिप: त्रिसा-गायत्री की जोड़ी ने जीता कांस्य, खत्म हुआ 15 साल का इंतजार

Aug 22, 2026
07:37 pm

क्या है खबर?

भारत की गैर-वरीयता प्राप्त महिला युगल जोड़ी त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। दिल्ली में घरेलू दर्शकों के बीच भारतीय जोड़ी को सेमीफाइनल में चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त लियू शेंग शू और तान निंग के खिलाफ 21-18, 13-21, 8-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि, इसके बाद भी उन्हें कांस्य पदक मिला और उन्होंने 15 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म कर दिया।

मुकाबला

ऐसा रहा सेमीफाइनल मुकाबला

त्रिसा और गायत्री ने मैच की शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में चीनी जोड़ी ने अपनी रणनीति बदली। भारतीय जोड़ी ने एक समय 10-10 की बराबरी की, लेकिन इसके बाद उनसे कुछ गलतियां हुईं। इसका फायदा उठाते हुए चीनी जोड़ी ने दूसरा गेम 21-13 से अपने नाम कर लिया।

तीसरे गेम में चीनी जोड़ी ने बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए 21-8 से उसके अपने नाम करते हुए मुकाबला जीत लिया।

गौरव

भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा गौरव

इस कांस्य पदक के साथ ट्रीसा और गायत्री की जोड़ी ने भारतीय बैडमिंटन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

महिला युगल में साल 2011 (ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा) के बाद यह भारत का पहला पदक है।

इस पदक की बदौलत भारत का साल 2011 से लेकर अब तक BWF विश्व चैंपियनशिप के हर संस्करण में कम से कम एक पदक जीतने का सिलसिला सफलतापूर्वक बरकरार रहा है। यह देश के लिए उपलब्धि है।

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सफर

त्रिसा और गायत्री की जोड़ी का अब तक का सफर

त्रिसा और गायत्री की जोड़ी साल 2022 और 2023 में लगातार 2 बार प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थी।

इसी तरह इस जोड़ी ने बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

उनके इस प्रदर्शन के कारण उन्हें साल 2025 में खेल जगत के अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

इसी तरह इस जोड़ी ने अब विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।

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