
ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत: ब्रिसबेन टेस्ट में बन सकते हैं ये बड़े रिकॉर्ड्स
क्या है खबर?
हाल ही में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेला गया बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट ड्रा रहा। इस मुकाबले के बाद सीरीज 1-1 से बराबरी पर है।
चार मैचों की सीरीज का अंतिम मैच 15 जनवरी से ब्रिसबेन के मैदान में खेला जाएगा। इस मुकाबले से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का फैसला तय हो जाएगा।
आइए एक नजर डालते हैं उन रिकार्ड्स पर ब्रिसबेन टेस्ट के दौरान बन सकते हैं।
बल्लेबाजी
पुजारा और स्मिथ बना सकते हैं ये रिकार्ड्स
चेतेश्वर पुजारा ने अब तक ऑस्ट्रेलिया में 10 मैचों में 48 की औसत से 912 रन बनाए हैं।
88 रन और बनाते ही पुजारा ऑस्ट्रेलिया में 1,000 रनों का आंकड़ा छू लेंगे और ऐसा करने वाले सिर्फ पांचवे भारतीय होंगे।
स्टीव स्मिथ ने ऑस्ट्रेलिया में भारत के खिलाफ सात मैचों में की औसत से 991 रन बनाए हैं। वह अपने घर पर भारत के खिलाफ 1,000 रनों के आंकड़े को छूने वाले सिर्फ तीसरे कंगारू बल्लेबाज बन जाएंगे।
नाथन ल्योन
400 टेस्ट विकेट लेने वाले छठे स्पिनर बन सकते हैं ल्योन
ऑस्ट्रेलियाई ऑफ स्पिनर नाथन ल्योन ने 99 टेस्ट में 396 विकेट लिए हैं और 400 विकेट पूरा करने के काफी करीब हैं।
ब्रिसबेन टेस्ट में यदि ल्योन चार विकेट लेने में सफल रहे तो वह टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लेने वाले छठे स्पिनर होंगे।
ऑस्ट्रेलिया में ल्योन ने भारत के खिलाफ खेले 14 टेस्ट मैचों में 57 विकेट हासिल किए हैं जिसमें पारी में सात विकेट लेना उनका सर्वश्रेष्ठ रहा है।
डेविड वॉर्नर
ब्रिसबेन के मैदान में सर्वाधिक शतक वाले बल्लेबाज बन सकते हैं वॉर्नर
पहले टेस्ट में बल्ले से निराश करने वाले वॉर्नर ब्रिसबेन टेस्ट में दमदार वापसी करना चाहेंगे। उन्होंने ब्रिसबेन के मैदान में अब तक आठ मैचों में 68 की औसत से 817 रन बनाए हैं।
इस दौरान उन्होंने चार शतक भी लगाए हैं। अगर वॉर्नर सीरीज के आखिरी टेस्ट में एक शतक बना लेंगे तो इस मैदान में संयुक्त रूप से सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाजों बन जाएंगे।
ब्रिसबेन में सर्वाधिक पांच-पांच शतक माइकल क्लार्क और ग्रेग चैपल ने लगाए हैं।
भारतीय टीम
ब्रिसबेन टेस्ट में इतिहास बदलना चाहेगी भारतीय टीम
भारतीय टीम का रिकॉर्ड ब्रिसबेन के मैदान में खराब रहा है। अब तक ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच इस मैदान में छह मैच खेले जा चुके हैं, जिसमें से भारत एक मैच भी नहीं जीत सका है।
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने यहां भारत के खिलाफ अपने पांच मैच जीते हैं और दोनों देशों के बीच एक मुकाबला ड्रा रहा है।
ऐसे में भारतीय टीम हर हाल में अपना पहला मैच जीतना चाहेगी।