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एशियाई खेल 2026: भारतीय नौकायन खिलाड़ियों ने क्यों किया प्रशिक्षण का बहिष्कार और कैसे सुलझा विवाद?
एशियाई खेल 2026 में भारतीय नौकायन टीम के खिलाड़ियों ने प्रशिक्षण का बहिष्कार कर दिया है

एशियाई खेल 2026: भारतीय नौकायन खिलाड़ियों ने क्यों किया प्रशिक्षण का बहिष्कार और कैसे सुलझा विवाद?

Sep 22, 2026
12:58 pm

क्या है खबर?

जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे एशियाई खेल 2026 के नौकायन मुकाबले शुरू होने से ठीक पहले भारतीय खेमे में भारी विवाद खड़ा हो गया है। आयोजकों द्वारा प्रतियोगिता के कार्यक्रम को 2 दिन करने से खिलाड़ियों के संयोजनों को अंतिम समय में बदल दिया गया। इससे नाराज भारतीय नौकायन टीम के खिलाड़ियों ने सोमवार को अभ्यास करने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में अधिकारियों और मुख्य कोच की मध्यस्थता से गतिरोध को सुलझा लिया गया।

कारण

कार्यक्रम को क्यों किया गया छोटा?

नौकायन के मूल कार्यक्रम को बदलने के पीछे चक्रवात 'डुजुआन' प्रमुख कारण रहा है। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए आयोजकों ने 4 दिवसीय प्रतियोगिता को 2 दिनों का कर दिया।

भारतीय टीम के जापान पहुंचने पर नौकायन ट्रैक तरह तैयार नहीं था और कार्य जारी था, जिसने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

रोइंग फेडरेशन के अध्यक्ष बालाजी मरदपा के अनुसार, प्रबंधकों की बैठक में आयोजकों ने सभी देशों से तत्काल नई प्रविष्टि सूचियां जमा करने को कहा था।

विरोध

क्या रहा खिलाड़ियों के विरोध का कारण?

भारतीय एथलीटों ने पिछले 4 वर्षों से जिन संयोजनों और साझेदारियों के साथ कड़ी तैयारी की थी, उनमें अचानक बदलाव होने से वे बेहद निराश थे।

खिलाड़ियों को शारीरिक थकान और दबाव की चिंता थी। नौकायन काफी सहनशक्ति वाला खेल है और स्पर्धा को छोटा करने से शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ना तय है।

खिलाड़ियों का आरोप था कि महासंघ ने बदलाव से पहले टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों को विश्वास में नहीं लिया और न ही कोई बैठक की।

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दलील

महासंघ और ऑस्ट्रेलियाई कोच की दलील

रोइंग फेडरेशन के अध्यक्ष मरदपा ने इस स्थिति की तुलना 'एक टेस्ट मैच को अचानक वनडे की तरह खेलने' से की।

उन्होंने बताया कि यह निर्णय टीम के ऑस्ट्रेलियाई मुख्य कोच एंथनी पैटरसन से चर्चा के बाद लिया गया था।

पैटरसन के पास जापान की परिस्थितियों का 7 वर्षों का अनुभव है।

उनका सुझाव था कि भारत को स्वर्ण या रजत पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करनी है, तो नई परिस्थितियों के अनुसार संयोजनों में बदलाव करना अनिवार्य है।

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समाधान

कैसे हुआ इस गतिरोध का समाधान?

प्रतियोगिता शुरू होने में 24 घंटे से भी कम समय शेष रहने के कारण दबाव काफी बढ़ गया था।

आखिरकार, फेडरेशन के अध्यक्ष मरदपा और कोचिंग स्टाफ ने व्यक्तिगत रूप से सभी नौकायान खिलाड़ियों से बात की और उन्हें मौसम के संकट की गंभीरता समझाने के साथ कोच पैटरसन की रणनीति से भी अवगत कराया गया।

उसके बाद सभी खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए मान गए और उन्होंने प्रशिक्षण फिर से शुरू कर दिया है।

उम्मीद

नौकायान में भारत को पदक की उम्मीद

भारतीय नौकायन टीम का एशियाई खेलों में एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसने अब तक 28 पदक (2 स्वर्ण, 7 रजत और 19 कांस्य) जीते हैं।

भारत के पूर्व स्वर्ण पदक 2010 में बजरंग लाल ताखर (सिंगल स्कल्स) और 2018 में क्वाड्रुपल स्कल्स टीम ने जीते थे।

इस बार भी युवा टीम और अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई कोच की जुगलबंदी से देश को नए इतिहास की उम्मीद है। टीम को इस बार भी पदक जीतने की पूरी उम्मीद है।

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