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हरमनप्रीत कौर पर अंजुम चोपड़ा का बड़ा बयान, उनकी विरासत को लेकर कही ये अहम बात
हरमनप्रीत कौर को लेकर अंजुम चोपड़ा ने बड़ा बयान दिया है (फाइल तस्वीर)

हरमनप्रीत कौर पर अंजुम चोपड़ा का बड़ा बयान, उनकी विरासत को लेकर कही ये अहम बात

Oct 09, 2026
06:15 pm

क्या है खबर?

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना है कि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी की सबसे बड़ी विरासत 2025 में घरेलू मैदान पर जीता गया महिला वनडे विश्व कप होगा। उनके मुताबिक, हरमनप्रीत ने टीम की कमान संभालते समय जिस भारतीय टीम की जिम्मेदारी ली थी, उसे कहीं ज्यादा मजबूत, अनुभवी और आत्मविश्वास से भरी टीम बनाकर छोड़ा है। हरमनप्रीत ने इस सप्ताह सभी प्रारूपों की कप्तानी छोड़ दी। स्मृति मंधाना को नया कप्तान बनाया गया है।

विश्व कप

हरमनप्रीत की कप्तानी में विश्व कप में मिली जीत पर ये बोलीं अंजुम 

अंजुम ने कहा, "हरमनप्रीत की कप्तानी की सबसे बड़ी विरासत 2025 में भारत को वनडे विश्व कप जिताना रहेगी। टूर्नामेंट में उनकी बल्लेबाजी देखें तो लीग चरण से लेकर सेमीफाइनल और फाइनल तक उन्होंने अहम योगदान दिया। इस खिताब तक पहुंचने के लिए पूरी टीम ने मिलकर प्रदर्शन किया। यह सिर्फ हरमनप्रीत की जीत नहीं थी, बल्कि हर खिलाड़ी के योगदान ने उन्हें टीम को चैंपियन बनाने में मदद की और भारत विश्व कप जीतने में सफल रहा।"

बदलाव

'हरमनप्रीत ने पिछले 3 सालों में खुद को बदला'

अंजुम ने आगे कहा, "हरमनप्रीत ने पिछले साढ़े 3 सालों में टीम के साथ खुद को भी एक बेहतर कप्तान के रूप में विकसित किया है। पहले भारतीय टीम के कार्यक्रम में टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले कम होते थे और वनडे ज्यादा खेले जाते थे। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यह स्थिति बदली है। अब लगभग हर द्विपक्षीय दौरे पर टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले होते हैं और कई बार इनकी संख्या वनडे से भी ज्यादा रहती है।"

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बातचीत

टीम के भविष्य का रास्ता सही नजर आ रहा- अंजुम 

अंजुम ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि हरमनप्रीत की विरासत सिर्फ विश्व कप जीत तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने वर्षों तक ड्रेसिंग रूम में आक्रामकता और आत्मविश्वास का माहौल भी तैयार किया है।

अगर भारतीय टीम इन खूबियों को आगे भी बरकरार रखती है तो वह सही दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।

उन्होंने कहा कि टीम के विकास की प्रक्रिया अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है और भविष्य के लिए रास्ता सही नजर आ रहा है।

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सफर

2008 से पहले हरमनप्रीत को जानती हैं अंजुम 

अंजुम ने कहा कि उन्होंने हरमनप्रीत के सफर को बेहद करीब से देखा है। वह 2008 के प्रशिक्षण शिविर में भारतीय टीम का हिस्सा बनने से पहले से उन्हें जानती हैं।

इसके बाद 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ हरमनप्रीत का पहला विश्व कप मुकाबला और अब तक का उनका सफर अंजुम ने करीब से देखा है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान हरमनप्रीत ने एक खिलाड़ी के रूप में खुद को निखारा और कप्तान के तौर पर भी लगातार विकास किया।

खिलाड़ी

शुरू से ही शांत रही हैं हरमनप्रीत- अंजुम 

अंजुम ने कहा, "मैंने हरमनप्रीत को कभी जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने वाले स्वभाव का नहीं देखा। शुरुआती दिनों से ही उनका व्यवहार शांत है। हालांकि, कप्तान के तौर पर अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर साधारण प्रयास करता है, गेंद रोकने में चूकता है, उसे तेजी से वापस नहीं भेजता या अतिरिक्त रन दे देता है तो हरमनप्रीत उसी समय मैदान पर उसे टोकती हैं। उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कैमरे उनकी प्रतिक्रिया दिखा रहे हैं या नहीं।"

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