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जूम ने डीपफेक की रोकथाम के लिए सैम ऑल्टमैन की वर्ल्ड से मिलाया हाथ
जूम ने डीपफेक की रोकथाम के लिए वर्ल्ड के साथ साझेदरी की है

जूम ने डीपफेक की रोकथाम के लिए सैम ऑल्टमैन की वर्ल्ड से मिलाया हाथ

Apr 18, 2026
01:18 pm

क्या है खबर?

वीडियो मीटिंग प्लेटफॉर्म जूम ने सैम ऑल्टमैन द्वारा स्थापित मानव पहचान सत्यापन नेटवर्क वर्ल्ड के साथ साझेदारी की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मीटिंग में भाग लेने वाले लोग वास्तविक मनुष्य हों न कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित नकली व्यक्ति। यह कदम डीपफेक धोखाधड़ी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है, जिसके कारण पिछले वर्ष की पहली तिमाही में ही 20 करोड़ डॉलर (करीब 1,850 करोड़ रुपये) से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ है।

कारण 

इस कारण उठाया गया यह कदम 

डीपफेक वीडियो कॉल धोखाधड़ी का अनुभव शायद कई लोगों को व्यक्तिगत रूप से न हुआ हो, लेकिन यह व्यवसायों, विशेष रूप से वीडियो के माध्यम से उच्च-मूल्य के लेन-देन में शामिल व्यवसायों के लिए एक बड़ा खतरा है। सबसे बड़ा मामला 2024 की शुरुआत में सामने आया, जब इंजीनियरिंग फर्म अरूप को 2.5 करोड़ डॉलर (करीब 230 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। इसमें हांगकांग में एक कर्मचारी को कंपनी के CFO और सहकर्मियों के डीपफेक द्वारा धोखा दिया गया था।

तरीका 

इन तरीकों से होगा सत्यापन 

यह सुविधा जूम की वर्ल्ड ID डीप फेस तकनीक का उपयोग करता है, जो प्रतिभागी की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए 3 चरणों वाली प्रक्रिया अपनाता है। इसमें यूजर के पंजीकरण से हस्ताक्षरित तस्वीर का मिलान, यूजर के डिवाइस से रीयल-टाइम फेस स्कैन और मीटिंग में अन्य प्रतिभागियों को दिखाई देने वाला लाइव वीडियो फ्रेम शामिल है। 'वेरिफाइड ह्यूमन' बैज प्रतिभागी के पदनाम पर तभी दिखाई देगा, जब तीनों सत्यापन मेल खाएंगे।

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