अमेरिकी प्रतिबंध के बाद श्रीधर वेंबू ने भारत के AI में आत्मनिर्भर बनने पर दिया जोर
जोहो के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्रीधर वेंबू ने एंथ्रोपिक के मॉडल्स पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत को अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विकसित करने का आग्रह किया है।
अमेरिकी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एंथ्रोपिक के फेबल 5 और मिथोस 5 मॉडल्स तक पहुंच रोक दी है। यह फैसला इतना कड़ा था कि इससे कंपनी में कार्यरत विदेशी कर्मचारियों पर भी असर पड़ा।
वेंबू ने इसे एक वेक-अप कॉल यानि एक चेतावनी करार दिया है और कहा है कि भारत को अब वैश्विक तकनीकी कंपनियों पर अपनी ज्यादा निर्भरता खत्म करनी चाहिए।
स्वदेशी ओपन-सोर्स AI का किया समर्थन
वेंबू का मानना है कि भारत को ओपन-सोर्स AI मॉडल्स अपनाने चाहिए, चाहे वे स्थानीय रूप से विकसित हुए हों या चीन में। उन्होंने कहा कि एडवांस्ड हार्डवेयर हासिल करना और बड़े AI सिस्टम्स को प्रशिक्षित करना बेहद महंगा और चुनौतीपूर्ण काम है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रतिबंध से भारतीय स्टार्टअप्स को काफी नुकसान पहुंच रहा है। जोहो फिलहाल सस्ती रिसर्च और घरेलू इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। साथ ही देश का डाटा स्थानीय स्तर पर स्टोर करने की भी वकालत की है।