यह AI टूल बताएगा बायोचार से मिट्टी में फास्फोरस पर क्या पड़ने असर
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल बनाया है, जो यह अनुमान लगा सकता है कि बायोचार (पौधों के कचरे से बना एक कोयले जैसा पदार्थ) मिट्टी में फास्फोरस की मात्रा को कैसे बदलता है, जो स्वस्थ फसलों के लिए बहुत जरूरी है।
शेंजेन स्थित सन यात-सेन यूनिवर्सिटी के युताओ पेंग की अगुवाई में बनी इस टीम ने 32 अलग-अलग अध्ययनों के डाटा का इस्तेमाल किया और पाया कि उनका मॉडल 91 फीसदी सटीकता के साथ नतीजे दे सकता है।
शोध में मिली एक और अहम जानकारी
इस शोध में बायोचार बनाने के तापमान को लेकर एक अहम बात सामने आई है। इसके अनुसार, 460 से 482 डिग्री के बीच का तापमान मिट्टी में फास्फोरस को संतुलित रखने के लिए सबसे अच्छा है।
अगर, तापमान इससे ज्यादा होता है तो फास्फोरस की मात्रा कम हो जाती है, जिससे प्रदूषण घटाने में भी सहायता मिल सकती है। टीम ने यह भी देखा कि सामान्य बायोचार भी अक्सर महंगे, संशोधित बायोचार जितना ही प्रभावी होता है। इससे किसानों के काफी पैसे बच सकते हैं।
इसके अलावा, मिट्टी का PH और कितनी मात्रा में बायोचार डाला गया है, ये भी बहुत मायने रखते हैं। यह AI टूल किसानों को कम अनुमान लगाकर बेहतर फसलें उगाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में सहायता कर सकता है।