विश्व बैंक ने विकासशील देशों को छोटे AI मॉडल्स इस्तेमाल करने की दी सलाह
विश्व बैंक विकासशील देशों को छोटे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर रहा है। ये ऐसे खास मॉडल होते हैं, जिन्हें किसी विशेष काम के लिए कम डाटा पर तैयार किया जाता है और ये कमजोर इंटरनेट या सामान्य मोबाइल फोन पर भी आसानी से काम करते हैं।
बैंक के मुख्य ज्ञान अधिकारी पास्कल डोनोहो कहते हैं कि ये मॉडल देशों को आर्थिक प्रगति की रफ्तार बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। उनका मानना है कि जो काम पहले सदियों में पूरे होते थे, वे अब कुछ ही दशकों में निपटाए जा सकते हैं।
एग्रीकनेक्ट से किसानों को मिल रही सहायता
विश्व बैंक का एक कृषि प्रोजेक्ट एग्रीकनेक्ट छोटे AI का इस्तेमाल करके किसानों को उनकी अपनी भाषा में मोबाइल फोन पर मिट्टी की जानकारी दे सकता है। इस तकनीक को बड़े पैमाने पर हर जगह पहुंचाना इतना आसान नहीं है।
इसके लिए सरकारों, निजी कंपनियों और विश्व बैंक जैसे संगठनों को मिलकर काम करना होगा। साथ ही, उप-सहारा अफ्रीका जैसे इलाकों में बिजली और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाना पड़ेगा।
नौकरियों के लिए फंड जुटाने की कोशिश
AI नौकरियों के बाजार में बड़े बदलाव ला सकता है, खासकर उन युवाओं के लिए, जो अभी अपना करियर शुरू कर रहे हैं। यही वजह है कि विश्व बैंक निजी निवेशकों से 120 अरब डॉलर (करीब 11,000 अरब रुपये) जुटाने पर काम कर रहा है। इसका मकसद इन बदलावों के दौरान नए रोजगार के अवसर पैदा करना और अर्थव्यवस्थाओं को गति देना है।