ISRO के सहयोग से BIT मेसरा ने बनाया चांद पर गड्ढों को ढूंढने वाला AI टूल
रांची के मेसरा स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) की एक टीम ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सहयोग से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल बनाया है। यह टूल चंद्रमा पर मौजूद गड्ढों को ढूंढता और उनका विश्लेषण करता है, जिससे भू-वैज्ञानिकों का एक मुश्किल काम काफी आसान हो गया है।
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व डॉ. संचिता पॉल, डॉ. मिली घोष और मिमानसा सिन्हा ने किया है। इसमें चंद्रमा की ऊंचाई से जुड़े जटिल डाटा को संभालने के लिए स्मार्ट न्यूरल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है।
200 मीटर तक के गड्ढों का लगा सकता है पता
यह AI टूल अपने खास क्रेटरमॉर्फो की मदद से 200 मीटर तक के छोटे गड्ढों का पता लगा सकता है। यह उनकी गहराई और खुरदरेपन जैसे कई पहलुओं को मापता है।
इसकी मदद से वैज्ञानिक चंद्रमा की ऊबड़-खाबड़ सतह पर सुरक्षित लैंडिंग के लिए सही जगह चुन पाते हैं, जिससे मिशन की योजना बनाना सरल हो जाता है।
एरिस्टारकस पठार जैसे मुश्किल इलाकों में परीक्षण के बाद इसके पीयर-रिव्यू किए गए शोधपत्रों ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। प्रमुख विज्ञान पत्रिकाओं में छपी इस खोज से भारत की अंतरिक्ष क्षमता बढ़ती है और AI-आधारित चंद्र अन्वेषण के नए रास्ते खुलते हैं।