फोन की बैटरी के लिए वायरलेस या वायर्ड, कौन सी चार्जिंग सही?
क्या है खबर?
स्मार्टफोन चार्ज करने के लिए आज वायरलेस और वायर्ड दोनों विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि इनमें से कौन सा तरीका बैटरी के लिए बेहतर है। वायरलेस चार्जिंग आसान और सुविधाजनक है, लेकिन इससे फोन थोड़ा ज्यादा गर्म हो सकता है। वायर्ड चार्जिंग आमतौर पर ज्यादा तेज और ऊर्जा के मामले में बेहतर रहती है। इसलिए बैटरी की लंबी उम्र के लिए चार्जिंग का तरीका और फोन का तापमान दोनों महत्वपूर्ण हैं।
#1
बैटरी के लिए वायर्ड चार्जिंग बेहतर
वायर्ड चार्जिंग बैटरी के लिए ज्यादा सही मानी जाती है, क्योंकि इसमें बिजली सीधे केबल के जरिए फोन तक पहुंचती है।
इसमें ऊर्जा का नुकसान कम होता है और फोन के गर्म होने की संभावना भी कम रहती है। तेज चार्जिंग की जरूरत हो तो यह विकल्प अधिक उपयोगी है। हालांकि, अच्छी कंपनी का चार्जर इस्तेमाल करने पर वायरलेस चार्जिंग भी सुरक्षित रहती है।
रोजमर्रा में दिन के समय थोड़ी चार्जिंग के लिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है।
#2
वायरलेस चार्जिंग में गर्मी का रखें ध्यान
वायरलेस चार्जिंग में चार्जिंग पैड और फोन के बीच ऊर्जा चुंबकीय तरीके से पहुंचती है।
इस प्रक्रिया में कुछ ऊर्जा गर्मी में बदल जाती है, इसलिए फोन या चार्जर गर्म महसूस हो सकता है। ज्यादा गर्मी लंबे समय में बैटरी की क्षमता पर असर डाल सकती है।
इसलिए फोन को चार्जिंग पैड पर सही जगह रखें और खराब या बिना प्रमाण वाले चार्जर से बचें। जरूरत पड़ने पर चार्जिंग के दौरान भारी काम भी बंद रखना बेहतर है।
#3
बैटरी की सेहत के लिए ये तरीका अपनाएं
बैटरी को लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रखने के लिए उसे बार-बार पूरी तरह खत्म करने से बचना चाहिए।
संभव हो तो चार्ज को लगभग 20 से 80 प्रतिशत के बीच रखना उपयोगी माना जाता है। फोन में बैटरी प्रोटेक्शन या चार्जिंग लिमिट की सुविधा हो तो उसे इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, तेज और बेहतर दक्षता के लिए वायर्ड चार्जिंग सही है, जबकि सुविधा के लिए वायरलेस चार्जिंग इस्तेमाल की जा सकती है।