पुराने पासवर्ड का दोबारा उपयोग करना क्यों है बहुत खतरनाक?
क्या है खबर?
आज की डिजिटल दुनिया में लोग ईमेल, बैंकिंग, सोशल मीडिया और शॉपिंग जैसे कई ऑनलाइन अकाउंट इस्तेमाल करते हैं। सुविधा के लिए कई लोग एक ही पासवर्ड को अलग-अलग वेबसाइट पर दोबारा इस्तेमाल कर लेते हैं। यह आसान जरूर लगता है, लेकिन इससे बड़ा सुरक्षा खतरा पैदा हो जाता है। अगर किसी एक वेबसाइट का डाटा लीक हो जाए, तो वही पासवर्ड दूसरे अकाउंट खोलने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
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एक ब्रीच से कई अकाउंट हो सकते हैं हैक
साइबर हमलों में अक्सर बहुत से यूजरनेम और पासवर्ड चोरी किए जाते हैं। हैकर्स इन चोरी हुए डाटा को दूसरी वेबसाइटों पर आजमाते हैं, जिसे क्रेडेंशियल स्टफिंग कहा जाता है। अगर आपने एक ही पासवर्ड कई जगह रखा है, तो आपका ईमेल, बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया एक साथ खतरे में आ सकते हैं। इससे पहचान की चोरी, पैसों की धोखाधड़ी और निजी जानकारी लीक होने का जोखिम बढ़ जाता है।
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फिशिंग और धोखाधड़ी का बढ़ता खतरा
पासवर्ड दोबारा इस्तेमाल करने से फिशिंग अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। नकली वेबसाइट या ईमेल के जरिए हैकर्स आपका पासवर्ड हासिल कर लेते हैं और फिर कई अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। एक ही पासवर्ड होने पर यह काम उनके लिए आसान हो जाता है। इसके अलावा, अकाउंट रिकवरी की एक जैसी जानकारी रखने से भी डोमिनो इफेक्ट बन सकता है, जिससे कई सेवाएं एक साथ बंद हो सकती हैं।
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खुद को सुरक्षित रखने के आसान उपाय
ऑनलाइन सुरक्षा के लिए हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखना जरूरी है। पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करने से यूनिक पासवर्ड बनाना और संभालना आसान हो जाता है। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करने से अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। समय-समय पर पासवर्ड बदलना और रिकवरी डिटेल्स अलग रखना भी जरूरी है। छोटी सावधानी से आप अपनी डिजिटल पहचान और पैसों को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।