नथिंग अपने सब-ब्रांड CMF के लिए क्यों लगा रही भारतीय बाजार पर दांव?
क्या है खबर?
स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी नथिंग अपने CMF सब-ब्रांड को भारत में अलग कंपनी में बदलने की तैयारी कर रही है। कंपनी के संस्थापक कार्ल पेई के अनुसार, CMF का मुख्यालय भारत में होगा और इसकी अपनी टीम और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) व्यवस्था होगी। इसमें ज्यादातर हिस्सेदारी भारतीय शेयरधारकों के पास होगी, लेकिन नथिंग भी अपनी हिस्सेदारी रखेगी। इस फैसले से साफ है कि कंपनी भारत को अपने अगले बड़े विकास केंद्र के रूप में देख रही है।
बाजार
बड़ा बाजार और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग आधार
भारत पर दांव लगाने की बड़ी वजह यहां का बड़ा उपभोक्ता बाजार और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग आधार है।
नथिंग के अनुसार, भारत में बिकने वाले करीब 99 प्रतिशत स्मार्टफोन अब देश में ही बनाए जाते हैं। इसके साथ भारत में बड़ी संख्या में इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारी भी हैं।
कंपनी का मानना है कि यह आधार CMF को फोन बेचने के बजाय यहीं प्रोडक्ट तैयार करने और नई तकनीक विकसित करने में मदद कर सकता है।
ग्लोबल बाजार
भारत से ग्लोबल बाजार पर नजर
CMF भारत को बिक्री के बाजार के रूप में नहीं देख रही है।
कंपनी का लक्ष्य यहां प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट बढ़ाना है, ताकि भारत से तैयार तकनीक दूसरे देशों में भी इस्तेमाल हो सके। कार्ल पेई का कहना है कि भारत में अभी घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड की कमी है, जिसकी वैश्विक पहुंच हो।
इसी वजह से कंपनी भारत के इंजीनियरों, सप्लायर्स और कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के साथ नेटवर्क बनाना चाहती है।
लक्ष्य
10 करोड़ फोन का लक्ष्य
CMF को लंबे समय में हर साल 10 करोड़ फोन तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। कंपनी का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या से सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।
CMF नथिंग की ऑपरेटिंग सिस्टम, डिजाइन, सप्लायर नेटवर्क और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग क्षमता का इस्तेमाल करेगी।
पेई के अनुसार, भारत में मैन्युफैक्चरिंग का आधार मजबूत हुआ और अब कंपनी का अगला कदम R&D बढ़ाना है। कंपनी भारत को वैश्विक विस्तार का आधार बनाना चाहती है।