आर्टेमिस-III मिशन में क्यों नहीं चुनी गई कोई महिला? नासा प्रमुख ने दिया जवाब
क्या है खबर?
नासा ने 2027 में होने वाले आर्टेमिस-III मिशन के लिए चार सदस्यीय क्रू की घोषणा की है। इस टीम में सभी सदस्य पुरुष हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि मिशन में किसी महिला अंतरिक्ष यात्री को क्यों शामिल नहीं किया गया। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों की वापसी की तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है और इसमें कई महत्वपूर्ण तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा।
योग्यता
नासा ने योग्यता को बताया चयन का आधार
विवाद बढ़ने के बाद नासा प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष यात्रियों का चयन केवल मिशन की जरूरतों और अनुभव के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में लिंग की कोई भूमिका नहीं रही। उनके अनुसार, नासा की हालिया अंतरिक्ष यात्री कक्षा में आधे से अधिक महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी लगातार प्रतिभाशाली महिला अंतरिक्ष यात्रियों को अवसर देने और नेतृत्व भूमिकाओं में आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
जिम्मेदारी
अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों को मिली जिम्मेदारी
आर्टेमिस-III मिशन में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री रैंडी ब्रेस्निक कमांडर होंगे, जबकि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के लुका परमिटानो पायलट की भूमिका निभाएंगे। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री फ्रैंक रुबियो और आंद्रे डगलस मिशन स्पेशलिस्ट होंगे। चार में से तीन सदस्य पहले अंतरिक्ष उड़ान भर चुके हैं, जबकि डगलस पहली बार अंतरिक्ष जाएंगे। नासा का कहना है कि सभी सदस्यों के पास सैन्य, तकनीकी और अंतरिक्ष अभियानों का व्यापक अनुभव है, जो मिशन के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
भूमिका
चंद्र मिशन की तैयारी में निभाएगा अहम भूमिका
नासा के अनुसार, आर्टेमिस-III एक सामान्य मिशन नहीं बल्कि एक जटिल परीक्षण उड़ान होगी। इसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरने वाले भविष्य के यानों से जुड़ी तकनीकों का परीक्षण करेंगे। मिशन के दौरान स्पेस-X और ब्लू ओरिजन के लैंडिंग सिस्टम से जुड़े कई प्रयोग किए जाएंगे। एजेंसी का मानना है कि इस मिशन से मिली जानकारी भविष्य के चंद्र अभियानों को सुरक्षित और सफल बनाने में मदद करेगी तथा चंद्रमा पर इंसानों की वापसी का रास्ता मजबूत करेगी।