एंथ्रोपिक के मिथोस AI को लेकर क्यों बढ़ी चिंता? निर्मला सीतारमण ने की अहम बैठक
क्या है खबर?
एंथ्रोपिक के नए AI मॉडल मिथोस को लेकर भारत समेत कई देशों में चिंता बढ़ गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के साथ बैठक कर संभावित खतरे को लेकर सतर्क रहने को कहा है। सरकार इस तकनीक से जुड़े जोखिमों को समझने और उससे निपटने की तैयारी में जुटी है। माना जा रहा है कि यह AI मॉडल साइबर सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, इसलिए पहले से ही कदम उठाए जा रहे हैं।
वजह
मिथोस से क्यों बढ़ी डर की स्थिति?
मिथोस को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसकी साइबर क्षमता को लेकर है। यह मॉडल कंप्यूटर सिस्टम की कमजोरियों को ढूंढ सकता है और उनका फायदा भी उठा सकता है। दावा है कि इसने कई बड़े सिस्टम और ब्राउजर में सालों पुरानी खामियां खोजी हैं। इससे डर है कि अगर यह गलत हाथों में पहुंचा, तो बड़े साइबर हमले आसानी से हो सकते हैं और सुरक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है।
क्षमता
टेस्टिंग में दिखी बेहद मजबूत क्षमता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिथोस ने साइबर सिक्योरिटी से जुड़े टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया है। यह जटिल समस्याओं को कई स्टेप में हल कर सकता है और लंबे अटैक को भी समझकर पूरा कर सकता है। कुछ मामलों में इसने ऐसे काम किए, जिन्हें इंसानों को करने में घंटों लगते हैं। इसकी यह ताकत इसे खास बनाती है, लेकिन साथ ही इसके खतरे भी उतने ही ज्यादा बढ़ जाते हैं।
एक्सेस
सीमित एक्सेस और लीक की खबरों से चिंता बढ़ी
एंथ्रोपिक ने इस मॉडल को आम लोगों के लिए जारी नहीं किया है और केवल चुनिंदा कंपनियों को ही एक्सेस दिया है। इसके बावजूद रिपोर्ट्स में सामने आया है कि कुछ लोगों ने इसे बिना अनुमति के इस्तेमाल किया। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। अमेरिका और दूसरे देश भी इस पर नजर बनाए हुए हैं और इसे लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
योजना
सरकार बना रही सुरक्षा के लिए खास योजना
भारत सरकार इस संभावित खतरे से निपटने के लिए नई रणनीति तैयार कर रही है। बैंकों को अपने सिस्टम मजबूत करने और डाटा सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अलग-अलग एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने की व्यवस्था पर काम हो रहा है। सरकार का मानना है कि सही तैयारी और आपसी तालमेल से ऐसे खतरों को समय रहते रोका जा सकता है और वित्तीय सिस्टम को सुरक्षित रखा जा सकता है।