रूस में ChatGPT, जेमिनी और क्लाउड पर क्यों लगाया जा सकता है प्रतिबंध?
क्या है खबर?
रूस ChatGPT, जेमिनी और क्लाउड जैसे विदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है। सरकार ने हाल ही में ऐसे नियम प्रस्तावित किए हैं, जिनके अनुसार प्रतिदिन 5 लाख से अधिक लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले विदेशी AI मॉडल को रूसी यूजर डाटा को 3 साल तक देश में ही संग्रहित करना अनिवार्य होगा। इन नियमों का पालन न करने पर AI पर प्रतिबंध या पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।
उद्देश्य
नए नियमों का क्या होगा फायदा?
अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य लोगों को गुप्त हेरफेर और भेदभावपूर्ण एल्गोरिदम से बचाना है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि इन उपायों से यांडेक्स के AI जैसी स्वदेशी तकनीक को लाभ हो सकता है। यह रूस की डिजिटल दुनिया को अधिक स्वतंत्र और पारंपरिक रूसी आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों के अनुरूप बनाए रखने के प्रयास का भी हिस्सा है। नए नियम 2027 में लागू हो सकते हैं, जिससे OpenAI और गूगल के AI टूल बंद हो सकते हैं।
कारण
इस कारण बनाए गए नए नियम
समाचार एजेंसी RIA ने बताया कि विदेशी AI टूल नए नियमों के दायरे में आएंगे, क्योंकि वे रूसी नागरिकों के डाटा को विदेशों में स्थानांतरित करते हैं। रूस के डिजिटल विकास मंत्रालय ने कहा कि नए नियम नागरिकों को गुप्त हेरफेर और भेदभावपूर्ण एल्गोरिदम से बचाने में मदद करने के लिए बनाए हैं। नियमों में कहा है, "रूसी संघ के कानून द्वारा निर्दिष्ट मामलों में सीमा पार AI प्रौद्योगिकियों के संचालन पर प्रतिबंध या रोक लगाई जा सकती है।"