मेटा के AI ट्रैकिंग प्रोग्राम की क्यों आलोचना कर रहे हैं कर्मचारी?
क्या है खबर?
मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा अपने नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोग्राम को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने ऐसा सिस्टम शुरू किया है, जो कर्मचारियों के कंप्यूटर इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करेगा। इस फैसले के बाद कंपनी के अंदर काफी हलचल बढ़ गई है। मेटा इन दिनों अपने AI सिस्टम को मजबूत बनाने पर तेजी से काम कर रही है और इसी दिशा में कंपनी ने यह नया कदम उठाया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है।
प्रोग्राम
क्या है मेटा का नया AI ट्रैकिंग प्रोग्राम?
मेटा का नया AI प्रोग्राम कर्मचारियों के कंप्यूटर इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करता है। इसमें टाइप किए गए शब्द, माउस की हरकत, क्लिक और स्क्रीन पर देखी जाने वाली चीजें शामिल हैं। कंपनी इस जानकारी का इस्तेमाल अपने AI मॉडल को सिखाने के लिए करना चाहती है। मेटा का कहना है कि इससे उसके AI सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकेगा और आने वाले समय में नई तकनीक तैयार करने में मदद मिलेगी।
आलोचना
क्यों आलोचना कर रहे हैं कर्मचारी?
कई कर्मचारियों ने इस प्रोग्राम को लेकर अपनी निजता और डाटा सुरक्षा पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कंपनी जरूरत से ज्यादा जानकारी इकट्ठा कर रही है। कुछ कर्मचारियों ने पूछा कि क्या वे इस प्रोग्राम से बाहर हो सकते हैं, लेकिन कंपनी की तरफ से साफ कर दिया गया कि दफ्तर के लैपटॉप में ऐसा विकल्प नहीं होगा। कर्मचारियों को डर है कि उनके काम करने के तरीके और निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
छंटनी
छंटनी और निगरानी से बढ़ी बेचैनी
मेटा में हाल के दिनों में नौकरी कटौती की खबरों ने भी कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। ऐसे माहौल में नए निगरानी प्रोग्राम ने कर्मचारियों को और असहज कर दिया है। कई लोगों को डर है कि उनके कामकाज की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। हालांकि, कंपनी का कहना है कि डाटा पूरी सुरक्षा के साथ रखा जाएगा और इसका गलत इस्तेमाल नहीं होगा।