व्हाट्सऐप की गोपनीयता पर एलन मस्क और पावेल डुरोव क्यों उठा रहे हैं सवाल?
क्या है खबर?
इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप की गोपनीयता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव और एलन मस्क ने इसके डाटा सुरक्षा तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि व्हाट्सऐप यूजर्स के मैसेज पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकते हैं। इस मुद्दे पर टेक दुनिया में चर्चा तेज हो गई है और लोग यह जानना चाहते हैं कि उनके निजी मैसेज कितने सुरक्षित हैं और भविष्य में यह कैसे प्रभावित हो सकते हैं।
आरोप
डुरोव और मस्क के आरोप क्या हैं?
डुरोव ने व्हाट्सऐप के एन्क्रिप्शन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्लेटफॉर्म यूजर्स को गलत जानकारी दे रहा है और कुछ हालात में मैसेज तक पहुंच संभव हो सकती है। वहीं मस्क ने भी व्हाट्सऐप पर भरोसा न करने की बात कही है। उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म एक्स की मैसेजिंग सेवा को ज्यादा सुरक्षित बताया, जिससे यह बहस और तेज हो गई है और यूजर्स के बीच नई चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पावेल डुरोव का पोस्ट
WhatsApp’s “encryption” may be the biggest consumer fraud in history — deceiving billions of users. Despite its claims, it reads users’ messages and shares them with third parties. Telegram has never done this — and never will 🤝 pic.twitter.com/2DYguybgoU
— Pavel Durov (@durov) April 9, 2026
वजह
मैसेज एक्सेस को लेकर बढ़ी चिंता
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि व्हाट्सऐप कंटेंट मॉडरेशन के लिए थर्ड पार्टी की मदद ले सकता है। इससे यह चिंता बढ़ी है कि कहीं यूजर डाटा बाहरी लोगों तक न पहुंच जाए। हालांकि, यह प्रक्रिया सिर्फ रिपोर्ट किए गए कंटेंट तक सीमित बताई जाती है। फिर भी इस मुद्दे ने लोगों के मन में डाटा प्राइवेसी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और चर्चा लगातार बढ़ रही है, खासकर डिजिटल सुरक्षा को लेकर।
ट्विटर पोस्ट
मस्क का पोस्ट
Can’t trust WhatsApp https://t.co/Ts55gVXqkD
— Elon Musk (@elonmusk) April 9, 2026
सफाई
मेटा ने आरोपों को बताया गलत
मेटा ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि व्हाट्सऐप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करता है, जिससे सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही मैसेज पढ़ सकता है। मेटा ने यह भी साफ किया कि सिस्टम किसी भी तरह से यूजर की निजी चैट तक सीधी पहुंच नहीं देता। कंपनी ने यूजर्स को भरोसा दिलाया है कि उनकी प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया गया है।